
मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की फिनटेक यात्रा अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। UPI को भारत की फिनटेक सफलता का बड़ा चैंपियन बताते हुए उन्होंने कहा कि अब अगला लक्ष्य दुनिया के अलग-अलग देशों के पेमेंट सिस्टम को भारत के सिस्टम से जोड़ना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिनटेक को केवल डिजिटल भुगतान तक सीमित न रखकर क्रेडिट, बीमा, बचत, निवेश और पेंशन जैसी वित्तीय सेवाओं तक भी पहुंच बढ़ानी होगी।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में लगातार तीसरी बार पहुंचे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में लगातार तीसरी बार शामिल होने को एक ‘हैट्रिक’ बताया। उन्होंने कहा कि यह हैट्रिक बताती है कि विकसित भारत के निर्माण में फिनटेक क्षेत्र और इससे जुड़े लोगों का काम कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर बार इस आयोजन में पहले से ज्यादा युवा, ऊर्जा और संभावनाएं दिखाई देती हैं। साथ ही जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ रही है और सपने ज्यादा बड़े और साहसिक हो रहे हैं।
गणेशोत्सव के बीच मुंबई में सांस्कृतिक और फिनटेक ऊर्जा
पीएम मोदी ने कहा कि फिनटेक की ऊर्जा के बीच मुंबई में सांस्कृतिक ऊर्जा भी चरम पर है। महाराष्ट्र सहित पूरे देश में कुछ ही दिनों में गणेशोत्सव शुरू होने वाला है। उन्होंने गणपति बप्पा को नमन करते हुए ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में देश-विदेश से पहुंचे सभी मेहमानों और प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की 7.8% ग्रोथ
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय संघर्ष और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। ऊर्जा और कमोडिटीज की सप्लाई चेन पर दबाव है और व्यापार को लेकर भी तनाव बना हुआ है। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में अप्रैल से जून की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% की दर से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारत की यह तेज आर्थिक वृद्धि दुनिया को नया भरोसा देती है।
तीन दशक बाद भारत की सॉवरेन रेटिंग A कैटेगरी में
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत पर बढ़ते वैश्विक भरोसे का एक और उदाहरण देश की सॉवरेन रेटिंग है। हाल में जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को A कैटेगरी में अपग्रेड किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि करीब तीन दशक बाद मिली है। यह भारत के ग्रोथ मोमेंटम, मैक्रो इकोनॉमिक स्थिरता और पिछले वर्षों में किए गए स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स के प्रति दुनिया के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
UPI के बिना अधूरी है भारत की फिनटेक कहानी
प्रधानमंत्री मोदी ने UPI को भारत की फिनटेक स्टोरी का बड़ा चैंपियन बताया। उन्होंने कहा कि भारत में फिनटेक के क्षेत्र में जिस तरह का परिवर्तन आया है, उसमें UPI की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। 25 अगस्त को UPI ने अपनी शुरुआत के 10 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले जब वे कहते थे कि बैंक लोगों की ‘फिंगरटिप्स’ पर होगा, तब कई लोगों को यह असंभव लगता था।
बैंकिंग से बाहर रहे करोड़ों लोग बने फिनटेक ग्रोथ के ड्राइवर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में करोड़ों लोग ऐसे थे, जिनकी कई पीढ़ियों ने बैंक का दरवाजा तक नहीं देखा था। लेकिन आज वही लोग भारत की फिनटेक ग्रोथ के बड़े ड्राइवर बन गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक ने बैंकिंग व्यवस्था को उन लोगों तक पहुंचाया है, जो लंबे समय तक औपचारिक वित्तीय प्रणाली से बाहर रहे।
अगस्त में UPI से हुए 2,400 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन
पीएम मोदी ने कहा कि अकेले अगस्त महीने में UPI से 2,400 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए। उन्होंने कहा कि औसतन 10 मिनट में ही देशभर में 50 लाख से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रभाव के कारण फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने UPI को केवल टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं, बल्कि सभ्यतागत कहानी बताया था।
11 देशों में लाइव हुआ भारत का UPI
प्रधानमंत्री ने कहा कि UPI अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। आज भारत का UPI दुनिया के 11 देशों में लाइव है। उन्होंने कहा कि यह भारत की डिजिटल यात्रा की बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब केवल इस उपलब्धि से संतुष्ट होने का समय नहीं है। अगला लक्ष्य इससे कहीं बड़ा होना चाहिए।
दूसरे देशों के पेमेंट सिस्टम से जुड़ना अगला लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का UPI कई देशों तक पहुंच चुका है, लेकिन यह केवल पहला कदम है। अब दूसरे देशों के पेमेंट सिस्टम के साथ इसे जोड़ना अगला लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंगापुर के साथ भारत यह काम कर चुका है और दोनों देशों के बीच लेनदेन अब काफी आसान हो गया है। इसी तरह अन्य देशों और बाजारों के साथ भी कनेक्टिविटी विकसित करनी होगी।
भारतीयों के विदेश से भेजे पैसे की लागत घटाने पर जोर
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और विदेशों से भारत पैसा भेजने वालों में भारतीय सबसे आगे हैं। लेकिन इस धनराशि का एक हिस्सा ट्रांजैक्शन कॉस्ट में चला जाता है। UPI के माध्यम से इस लागत को कम किया जा सकता है और पैसा तेजी से भारतीय परिवारों तक पहुंचाया जा सकता है।
अपने पेमेंट स्टैंडर्ड बनाने की क्षमता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में कार्ड से होने वाले भुगतान लंबे समय तक उन स्टैंडर्ड्स पर आधारित रहे, जिन्हें दूसरे देशों में डिजाइन किया गया था। उस समय भारत के पास अपना विकल्प नहीं था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। भारत अपने नियम और स्टैंडर्ड तैयार कर सकता है और उन्हें दुनिया के साथ जोड़ सकता है। उन्होंने फिनटेक क्षेत्र से इस दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
तकनीक वित्तीय समावेशन का प्रभावी माध्यम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक इंक्लूजन का सबसे प्रभावी टूल है और UPI ने इसे साबित किया है। उन्होंने कहा कि फिनटेक की खासियत ऐसी जगहों और लोगों तक पहुंच बनाने में होनी चाहिए, जहां पारंपरिक वित्तीय मॉडल नहीं पहुंच पाए। जहां बैंक शाखाएं नहीं पहुंच सकीं, वहां UPI ने डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था को पहुंचाने का काम किया है।
पेमेंट से आगे बढ़कर क्रेडिट और बीमा पर फोकस
पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान में फिनटेक बाजार का बड़ा हिस्सा पेमेंट्स से जुड़ा है। अब इसे अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत है। फिनटेक बाजार में पेमेंट्स के साथ क्रेडिट ट्रांजैक्शन, इंश्योरेंस, सेविंग्स, इन्वेस्टमेंट्स और पेंशन का हिस्सा भी बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिनटेक देश की उस आर्थिक ताकत को सामने ला सकता है, जो पारंपरिक वित्तीय मॉडल की पहुंच से बाहर है।
पीएम स्वनिधि ने स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक क्रेडिट से जोड़ा
प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स शहरों की रीढ़ हैं, लेकिन वे लंबे समय तक बैंकिंग और औपचारिक क्रेडिट सिस्टम से बाहर रहे। पीएम स्वनिधि ने लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ा है। अब इन लाभार्थियों के पास स्वनिधि क्रेडिट कार्ड के रूप में औपचारिक क्रेडिट तक पहुंच का एक और साधन है।
स्वनिधि लाभार्थियों की आय में 20% से ज्यादा बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अध्ययनों के अनुसार पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों की औसत वार्षिक आय में 20% से ज्यादा की वृद्धि हुई है। इसके अलावा इन परिवारों की हाउसिंग, न्यूट्रिशन, हेल्थकेयर एक्सेस और बच्चों की शिक्षा की स्थिति में भी सुधार हुआ है। सरकार ने इस योजना को 2030 तक बढ़ाने का फैसला लिया है।
UPI ने पीएम स्वनिधि की सफलता में निभाई बड़ी भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि पीएम स्वनिधि को यह सफलता UPI के बिना हासिल नहीं होती। योजना की सफलता में UPI की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इसी अनुभव से सीखते हुए फिनटेक की ताकत का इस्तेमाल आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए।
छोटे कारोबारियों की जरूरत समझ सकता है फिनटेक
प्रधानमंत्री ने एक छोटी दुकान चलाने वाली महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान से उसकी आय और खर्च का स्पष्ट पैटर्न सामने आ सकता है। जब उसका कारोबार आगे बढ़ता है और उसे सामान या उपकरण खरीदने के लिए अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होती है, तब पारंपरिक क्रेडिट मॉडल उसके छोटे कारोबार को प्रभावी ढंग से सेवा देने में सक्षम नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में फिनटेक उसके कारोबार की जरूरत को समझकर क्रेडिट उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।
डिलीवरी पार्टनर्स तक बचत, पेंशन और बीमा की पहुंच
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि फिनटेक का अगला अध्याय ऐसे छोटे कारोबारियों और कामगारों की जरूरतों को पूरा करने में लिखा जाएगा। डिलीवरी पार्टनर या छोटा काम करने वाला व्यक्ति हर महीने कमाता है, लेकिन उसे सेविंग्स, पेंशन और इंश्योरेंस जैसी सेवाओं की भी जरूरत होती है। ये सेवाएं भी QR कोड से भुगतान जितनी सरल, सहज और सुलभ होनी चाहिए।
Agentic AI, Tokenisation और Quantum से नई संभावनाएं
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है और 2026 में दूसरा क्वार्टर नई संभावनाएं लेकर आया है। Agentic AI, Tokenisation और Quantum जैसी तकनीकें वित्तीय क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं। अब चुनौती इन संभावनाओं को वास्तविक प्रभाव में बदलने की है।
साइबर सिक्योरिटी को टॉप नॉच बनाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने फिनटेक कंपनियों के लिए चार प्रमुख लक्ष्य सुझाए। उन्होंने कहा कि भारत में साइबर सिक्योरिटी को टॉप नॉच बनाना होगा। इसके साथ ही फिनटेक इंडस्ट्री के अपने इथिकल डेटा प्रोटेक्शन स्टैंडर्ड होने चाहिए। इससे डिजिटल वित्तीय व्यवस्था में सुरक्षा और भरोसा दोनों मजबूत होंगे।
मजबूत रेगुलेटर-इंडस्ट्री इनोवेशन इकोसिस्टम की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक मजबूत फिनटेक रेगुलेटर-इंडस्ट्री इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियामकों और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल से नए प्रयोगों और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी होगी।
फिनटेक कंज्यूमर प्रोटेक्शन इंडेक्स बनाने का सुझाव
पीएम मोदी ने फिनटेक कंज्यूमर प्रोटेक्शन इंडेक्स बनाने का सुझाव दिया। इसके आधार पर अलग-अलग फिनटेक कंपनियों की पारदर्शी रेटिंग की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि अगर फिनटेक सेक्टर खुद को इन कसौटियों पर कसता है तो भारत का फिनटेक सेक्टर असंख्य संभावनाओं का गेटवे बन सकता है।
डिजिटल इंडिया की सफलता अब अगले अध्याय के लिए तैयार
प्रधानमंत्री ने कहा कि Digital India की सफलता की कहानी अब नए अध्याय के लिए तैयार है। भारत की फिनटेक सफलता की प्रमुख ताकतों में स्केल, स्कोप, सिक्योर सिस्टम्स, टेक्नोलॉजी का डेमोक्रेटाइजेशन और जनता का भरोसा शामिल है। इन्हीं मूल्यों को ध्यान में रखते हुए फिनटेक सेक्टर को नेक्स्ट जेनरेशन इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
विकसित भारत के लिए फिनटेक की भूमिका अहम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की फिनटेक यात्रा अब केवल डिजिटल भुगतान की सफलता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। फिनटेक को वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, छोटे कारोबारियों को क्रेडिट देने, बचत और निवेश को बढ़ावा देने तथा बीमा और पेंशन जैसी सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में फिनटेक क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है।







