
दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर को WhatsApp स्टेटस पर लगाना एक युवक को कथित तौर पर भारी पड़ गया। रूही गांव निवासी परमेश्वर सिंगौर का आरोप है कि अखबार में छपी ED की खबर स्टेटस पर लगाने के बाद उसे अनिल चंद्राकर के नाम से फोन आया। शिकायत के मुताबिक, फोन पर गाली-गलौज की गई और धमकी देते हुए कहा गया कि, “तुझे मारते-मारते थाने ले जाऊंगा।”
परमेश्वर का कहना है कि उसने बातचीत की रिकॉर्डिंग कर पुलिस को सौंप दी है। शिकायत के अनुसार, इसी दिन कुछ समय बाद उसे जानकारी मिली कि अनिल चंद्राकर गांव आए हैं और उसे बुला रहे हैं। युवक ने दावा किया कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिसके बाद वह डर के कारण गांव छोड़कर चला गया। परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि ED की जिस खबर को उसने स्टेटस पर लगाया था, उससे उसका कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है और उसने खबर सिर्फ जानकारी के लिए शेयर की थी।
मामले में पाटन पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज किया है और कथित फोन कॉल की रिकॉर्डिंग समेत पूरे मामले की जांच की जा रही है। दरअसल, 1 सितंबर को ED ने रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर में CGPSC परीक्षा से जुड़े मामले में कार्रवाई की थी। ED ने अपनी प्रेस रिलीज में दावा किया था कि उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई और करीब 2.80 करोड़ रुपये अनिल चंद्राकर को दिए गए। हालांकि, युवक को धमकी देने का आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाया गया है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।




