
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS को ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में सरकार ने नई पहल शुरू की है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ का संचालन शुरू हो चुका है। सरकार की योजना अगले दो वर्षों में इसे प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाने की है। इन मशीनों के जरिए पात्र हितग्राही पारंपरिक राशन दुकान पर निर्भर हुए बिना अपनी सुविधा के अनुसार खाद्यान्न ले सकेंगे। मशीन से राशन प्राप्त करने के लिए हितग्राही राशन कार्ड नंबर या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सप्ताह के सातों दिन, किसी भी समय मिलेगा राशन: ‘
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ फिलहाल देश के उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और मेघालय में भी संचालित हो रहा है। छत्तीसगढ़ में 8 अगस्त से तीन शहरों में इसकी शुरुआत की गई है। सरकार का उद्देश्य PDS को तकनीक से जोड़कर राशन वितरण को ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाना है। इसके तहत स्मार्ट-PDS योजना को 2026 तक लागू करने की तैयारी है। साथ ही नेटवर्क से बाहर चल रही 704 उचित मूल्य दुकानों को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने और खाद्यान्न भंडारण की क्षमता बढ़ाने की भी योजना है। प्रदेश में फिलहाल कुल 14,182 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं।

चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में होगा विस्तार:
दूरदराज और नेटवर्कविहीन इलाकों में स्थित 704 राशन दुकानों पर कनेक्टिविटी की समस्या के चलते अभी ऑफलाइन व्यवस्था से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। सरकार अब तकनीकी व्यवस्था मजबूत कर इन क्षेत्रों को भी डिजिटल PDS से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल के मुताबिक तीन जिलों में शुरू हुआ ग्रेन एटीएम मॉडल आगे चरणबद्ध तरीके से बाकी जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसका मकसद हितग्राहियों को राशन लेने में ज्यादा सुविधा देना और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाना है।





