
बिलासपुर: केंद्रीय जेल में बुधवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला। प्रदेश के डीजी जेल हिमांशु गुप्ता निरीक्षण के दौरान अफसर नहीं, बल्कि शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने जेल में बंद कैदियों की अंग्रेजी की क्लास ली और उन्हें भाषा सीखने के आसान तरीके, आत्मविश्वास बढ़ाने और व्यक्तित्व विकास के टिप्स दिए।
कक्षा के दौरान कैदियों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया और डीजी जेल से कई सवाल पूछे। हिमांशु गुप्ता ने कहा कि जेल सिर्फ सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि खुद को सुधारने और नए जीवन की शुरुआत करने का भी अवसर है। उन्होंने बंदियों को नियमित पढ़ाई, अखबार पढ़ने और रोजाना अभ्यास करने की सलाह दी। निरीक्षण के दौरान डीजी जेल ने कैदियों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को उनके जल्द निराकरण के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने जेल की शिक्षा, उद्योग, भोजन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस मौके पर केंद्रीय जेल के लिए कई नई सुविधाओं की भी घोषणा की गई। इनमें कलर ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन, एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट निर्माण यूनिट, स्मार्ट बोर्ड, लाइब्रेरी के लिए अंग्रेजी समाचार पत्र, 20 आरओ वाटर प्यूरीफायर, ऑटोमेटिक रोटी मेकर, महिला जेल के लिए इन्वर्टर और दो हजार थाली सेट शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं से जेल की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी, वहीं शिक्षा और कौशल विकास के जरिए बंदियों के पुनर्वास को भी नई दिशा मिलेगी।





