
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बाघों (3682) और बाघ अभ्यारण्यों (58) की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में हाथी अभ्यारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभ्यारण्यों, संरक्षित क्षेत्रों, सामुदायिक अभ्यारण्यों और आर्द्रभूमि की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा आयोजित वैश्विक बाघ दिवस 2026 समारोह को संबोधित किया। इस दौरान, उन्होंने प्रकृति के साथ गहरे सामाजिक जुड़ाव और संरक्षण-उन्मुख जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
यादव ने कहा कि संरक्षण का अर्थ केवल वन्यजीवों की रक्षा करना ही नहीं है, बल्कि प्रकृति के साथ सम्मानजनक संबंध विकसित करना भी है। उन्होंने कहा, “प्रकृति केवल पर्यटन या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसका सम्मान किया जाना चाहिए और लोगों को इससे शांति प्राप्त करनी चाहिए।” उन्होंने लोगों को प्रकृति से प्रेरणा लेने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
यादव ने एनटीसीए के पर्यावरण-पर्यटन वेबपेज का शुभारंभ करते हुए सभी बाघ अभ्यारण्यों से संबंधित जानकारी को एक एकीकृत मंच पर लाने के लिए एनटीसीए को बधाई दी। यह सफारी और आवास बुकिंग के लिए सभी बाघ अभ्यारण्यों की प्रामाणिक वेबसाइटों के सीधे लिंक प्रदान करता है। इससे जानकारी अधिक सुलभ हो जाती है और साथ ही जिम्मेदार और टिकाऊ प्रकृति-आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। (लिंक: https://ntca.gov.in/eco-tourism/ )
संरक्षण अनुभवों के दस्तावेजीकरण के महत्व का उल्लेख करते हुए यादव ने कहा कि वनों की कहानियां केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इनमें पारंपरिक ज्ञान, भावनाएं, वन्यजीव संरक्षण के प्रति जुनून और वन्यजीव अधिकारियों, संरक्षणवादियों आदि के वर्षों के अनुभव शामिल हैं।
वन अधिकारियों से वन्यजीव संरक्षण के बारे में अधिक लिखने और अपने अनुभवों को इस तरह साझा करने का आग्रह किया जिससे व्यावहारिक और लागू करने योग्य नीतिगत समाधानों में योगदान मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने वैश्विक सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को शामिल करते हुए वन अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ज्ञान साझाकरण को विश्व स्तर पर ले जाने में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) की भूमिका पर प्रकाश डाला।
यादव ने दिल्ली-एनसीआर के स्कूली बच्चों के लिए ‘बाघ बचाओ’ विषय पर आयोजित चित्रकला, रेखाचित्र, नारा लेखन और मुखौटा बनाने की प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसके अलावा, मंत्रालय के पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत इको-क्लबों के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी बाघ संरक्षण जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसमें बाघ अभ्यारण्यों के निकट स्थित विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया गया।






