
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुशासन, विवेक और मन पर नियंत्रण के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है और यह नवाचार तथा प्रौद्योगिकी को अपनाकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प को दर्शाती है।
संस्कृत सुभाषित के जरिए दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने यह संस्कृत सुभाषित साझा किया—“विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवन्नरः। सोऽध्वनः परमाप्नोति तद्विश्नोः परमं पदम्॥” इस सुभाषित का अर्थ है कि जिस व्यक्ति की विवेकपूर्ण बुद्धि एक कुशल सारथी की तरह उसका मार्गदर्शन करती है और जिसका मन अनुशासित एवं नियंत्रित होता है, वह जीवन की कठिनाइयों को पार कर अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुंच जाता है।
डिजिटल इंडिया की सफलता का भी किया उल्लेख
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता से भारत को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों की उस संकल्पशक्ति का प्रतीक है, जिसके माध्यम से नवाचार और प्रौद्योगिकी को अपनाकर भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है।




