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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को रायरंगपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त मौजूदगी को राज्य के इतिहास का एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह अवसर ओडिशा के लिए एक सुनहरे अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राष्ट्रपति को उनके 68वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ओडिशा की 4.5 करोड़ जनता की ओर से दोनों गणमान्य नेताओं का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मयूरभंज के एक दूरस्थ आदिवासी गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का सफर समर्पण, जनसेवा, कड़ी मेहनत और भारतीय लोकतंत्र में अटूट विश्वास का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने उन्हें देशभर की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके दीर्घायु, स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना की।
पीएम मोदी की मौजूदगी से और खास बना अवसर
मोहन चरण माझी ने राष्ट्रपति के जन्मदिन समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने इस अवसर को और अधिक यादगार बना दिया।
दो वर्षों में आठ बार ओडिशा आए प्रधानमंत्री
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार ओडिशा के विकास में सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ बार ओडिशा का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रत्येक दौरे के साथ नई विकास परियोजनाओं की शुरुआत हुई है और केंद्र तथा राज्य के बीच सहयोग और मजबूत हुआ है।
मोदी सरकार की योजनाओं का हर वर्ग को लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का समाज के प्रत्येक वर्ग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा, “हर किसी के जीवन में मोदी की थोड़ी-बहुत झलक है।” मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के दूरगामी प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि इनसे गरीब, किसान, महिला और वंचित वर्गों को व्यापक लाभ मिला है।
राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। इनमें महिलाओं के लिए सुभद्रा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, किसानों के लिए कृषक समृद्धि योजना, गोदावरीश मिश्रा मॉडल प्राइमरी स्कूल योजना, वरिष्ठ नागरिकों के लिए श्री जगन्नाथ दर्शन योजना और आयुष्मान भारत योजना का राज्य में क्रियान्वयन शामिल है।
केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा का ऐलान
मोहन चरण माझी ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने दावा किया कि ऐसा करने वाला ओडिशा देश का पहला राज्य बनेगा। उन्होंने सामान्य, मेडिकल और तकनीकी शिक्षा में सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
औद्योगिक विकास से बढ़े रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘उत्कर्ष ओडिशा-मेक इन ओडिशा’ पहल के तहत राज्य की दूसरी औद्योगिक क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि 3.11 लाख करोड़ रुपए की लागत वाली 152 औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं से लगभग 2.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, जबकि 44 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां भी प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 30 में से 29 जिलों में उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे औद्योगिक विकास अधिक समावेशी बन रहा है।
ओडिशा में दिखेगा रिवर्स माइग्रेशन
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ओडिशा में ‘रिवर्स माइग्रेशन’ देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में दूसरे राज्यों के लोग रोजगार की तलाश में ओडिशा आएंगे, जबकि ओडिशा के लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
डबल इंजन सरकार से मिली बड़ी परियोजनाएं
मोहन चरण माझी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण ओडिशा को 90 हजार करोड़ रुपए की रेलवे परियोजनाएं, 40 हजार करोड़ रुपए की सड़क अवसंरचना परियोजनाएं, 25 हजार करोड़ रुपए की बंदरगाह परियोजनाएं, 25 हजार करोड़ रुपए का जहाज निर्माण एवं मरम्मत क्लस्टर, पारादीप में 80 हजार करोड़ रुपए का पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और 5 हजार करोड़ रुपए का भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक गलियारा मिला है। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान लगभग 50 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की शुरुआत केंद्र सरकार की ओडिशा के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
‘विकसित ओडिशा’ और ‘विकसित भारत’ का साझा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, आजीविका और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण ओडिशा निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2036 तक ‘समृद्ध ओडिशा’ और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की भूमिका की सराहना
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हाल ही में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा इस बात का प्रमाण है कि विश्व मंच पर भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘विकसित ओडिशा’ और ‘विकसित भारत’ के साझा विजन को साकार करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।




