
रुद्रप्रयाग : विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा में जून माह के दूसरे सप्ताह से श्रद्धालुओं की संख्या में आई गिरावट से कारोबार पर असर पड़ रहा है।यात्रा सीजन की शुरुआत से ही मई माह में केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। प्रतिदिन 25 से 30 हजार तक यात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे।इसी को देखते हुए यात्रा व्यवसाय से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि जून माह में भी यात्रियों की संख्या अच्छी बनी रहेगी। हालांकि पिछले एक सप्ताह से यात्रा में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रतिदिन केवल 13 से 14 हजार श्रद्धालु ही केदारनाथ पहुंच रहे हैं।

12 लाख श्रद्धालु कर चुके बाबा केदार के दर्शन
अब तक करीब 12 लाख श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इसके बावजूद जून माह में यात्रियों की संख्या कम होने से स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों, दुकानदारों और घोड़ा-खच्चर व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है।
घोड़ा संचालकों को नहीं मिल रही बुकिंग
यात्रा से जुड़े कारोबारियों और विशेष रूप से घोड़ा संचालकों पर साफ दिखाई देने लगा है। यात्रियों की संख्या घटने से घोड़ा संचालकों को बुकिंग नहीं मिल रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में संचालक अपने घोड़ों के साथ वापस घर लौटने लगे हैं।केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगभग आठ हजार से अधिक घोड़े पंजीकृत हैं, जो गौरीकुंड से केदारनाथ तक यात्रियों को पहुंचाने का कार्य करते हैं। लेकिन यात्रियों की कमी के कारण अधिकांश घोड़ा संचालकों को प्रतिदिन काम नहीं मिल पा रहा है।गुप्तकाशी सल्या निवासी घोड़ा संचालक अरविंद सिंह, दीपक सिंह, सोहन कुमार, देवेन्द्र सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से यात्रियों की संख्या में लगातार कमी आई है। पहले जहां रोजाना बुकिंग मिल जाती थी, वहीं अब कई-कई दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खर्च बढ़ने और आय कम होने के कारण कई संचालक अपने घर वापस लौटने को मजबूर हो गए हैं।

वहीं ट्रेड यूनियन अध्यक्ष गोविंद सिंह रावत ने यात्रा में आई गिरावट के लिए व्यवस्थागत कारणों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि पंजीकरण व्यवस्था को लेकर बनी असमंजस की स्थिति का भी यात्रियों की संख्या पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि जहां केदारनाथ में यात्रियों की संख्या कम हो रही है, वहीं बदरीनाथ धाम में अभी भी प्रतिदिन 26 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।उन्होंने कहा कि घोड़ा संचालकों और स्थानीय व्यवसायियों को जून माह से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यात्रियों की संख्या घटने से मायूसी बढ़ गई है। अब आगामी दिनों में मानसून शुरू होने की संभावना है, जिससे यात्रा और प्रभावित हो सकती है। ऐसे में यात्रा व्यवसाय से जुड़े लोगों को आने वाले समय की चिंता सताने लगी है।




