
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों के कार्यकाल पर विचार करते हुए, पिछले दशक में हासिल की गई कई उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। डॉ. जितेंद्र सिंह ने तर्क दिया कि पिछले 12 वर्षों में प्रक्रियात्मक के साथ-साथ सबसे गहरा परिवर्तन मनोवैज्ञानिक भी रहा है, और भारत में एक नई महत्वाकांक्षी संस्कृति का उदय हुआ है।
जितेंद्र सिंह ने विकास के अगले चरण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा
केंद्रीय मंत्री ने विकास के अगले चरण की रूपरेखा भी प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, जो वर्तमान में लगभग 9 अरब डॉलर की है, अगले सात से आठ वर्षों में बढ़कर लगभग 45 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, क्योंकि देश 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
अंतरिक्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम की संख्या आज लगभग 400
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम कुछ साल पहले एकल अंकों की संख्या से बढ़कर आज लगभग 400 हो गया है, जिसमें से एक स्टार्टअप ने हाल ही में यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त किया है। भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का मूल्य अब लगभग 9 अरब डॉलर है और अगले सात से आठ वर्षों के अंत तक इसके 45 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम वर्तमान में 23 लाख से अधिक
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम 2014 में लगभग 350-400 स्टार्टअप से बढ़कर वर्तमान में 23 लाख से अधिक हो गया है, जिससे लगभग 24-25 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। इनमें से लगभग आधे स्टार्टअप द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों में स्थित हैं, जबकि 35-39 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में हुए एक अंतरिक्ष प्रक्षेपण में लगभग 1,500 मीडियाकर्मी और लगभग 10,000 दर्शक शामिल हुए, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ जनता की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
सरकार के कुछ शुरुआती सुधार नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल की ओर बदलाव का प्रतीक
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के कुछ शुरुआती सुधार नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल की ओर बदलाव का प्रतीक थे। उन्होंने दस्तावेजों के राजपत्रित अधिकारी सत्यापन की अनिवार्यता को समाप्त करने और स्व-सत्यापन की अनुमति देने के निर्णय को एक ऐतिहासिक कदम बताया, जो नागरिकों, विशेषकर युवाओं में विश्वास का संकेत था।
सरकारी भर्तियों की कई श्रेणियों में साक्षात्कार समाप्त करने का भी उल्लेख किया
केंद्रीय मंत्री ने सरकारी भर्तियों की कई श्रेणियों में साक्षात्कार समाप्त करने का भी उल्लेख किया और कहा कि इस कदम से भाई-भतीजावाद, मनमानी और भ्रष्टाचार के अवसर कम हुए हैं, जबकि योग्यता आधारित चयन को मजबूती मिली है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इन सुधारों से यह विश्वास पैदा हुआ कि सफलता प्रभाव या सिफारिश के बजाय योग्यता और कड़ी मेहनत से प्राप्त की जा सकती है।
चंद्रयान मिशनों का जिक्र करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा
केंद्रीय मंत्री ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों को इस व्यापक परिवर्तन से जोड़ा। चंद्रयान मिशनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ऐसी संस्कृति को बढ़ावा दिया है जिसमें नागरिक राष्ट्रीय वैज्ञानिक उपलब्धियों से अधिकाधिक जुड़ाव महसूस करते हैं और नवाचार को एक साझा राष्ट्रीय प्रयास के रूप में देखते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने असफलताओं के बाद वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया और उनकी सफलताओं का जश्न मनाया, जिससे यह धारणा सामान्य हो गई कि विफलता नवाचार और प्रगति का एक हिस्सा है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास भारत की सफल लैंडिंग ने विज्ञान में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाई है, जबकि भारतीय लूनर मिशन की पिछली खोजों से चंद्रमा पर पानी के अणुओं के सबूतों का पता लगाने में मदद मिली थी।
2047 तक विकसित भारत का सपना
भविष्य की ओर देखते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के विकास के सफर में सार्वजनिक-निजी सहयोग को और मजबूत करना, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों का निरंतर विस्तार करना और प्रदर्शन एवं नवाचार के वैश्विक मानकों का पालन करना आवश्यक होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का दीर्घकालिक उद्देश्य केवल आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि एक सशक्त और महत्वाकांक्षी समाज का निर्माण करना है जो 2047 तक एक विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान दे सके।




