
दिल्ली : देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

केरल में लगातार हो रही तेज बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर जलभराव, पेड़ गिरने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। त्रिशूर जिले के मनालूर क्षेत्र में एक पेड़ अस्थायी शेड पर गिरने से एक युवक की मौत हो गई।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की आशंका है। एहतियात के तौर पर कुछ जिलों में ट्रैकिंग, खनन और पहाड़ी मार्गों पर रात के समय यात्रा पर रोक लगा दी गई है। कई स्कूलों में भी छुट्टी घोषित की गई है।

चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते तमिलनाडु के कई जिलों में 9 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। नीलगिरि, थेनी, डिंडीगुल और कोयंबटूर के पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, वेल्लोर, तिरुप्पुर, मदुरै, तेनकासी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और राजस्थान में भी मौसम के बिगड़ने की संभावना है।

आईएमडी ने तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, केरल-कर्नाटक तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में 9 जून तक मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।



