
केंद्रीय मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा है कि भारत का आने वाला “टेकाड” (techade) 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों से तय होगा।चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने ‘COAI DIGICOM समिट 2026’ के दूसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि देश का टेलीकॉम सेक्टर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदला है और अब नई तकनीकी लहर के लिए तैयार है।उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक नए मौके भी देती है और चुनौतियां भी पैदा करती है, इसलिए सरकार और उद्योग को मिलकर मजबूत टेलीकॉम इकोसिस्टम बनाना होगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि टेलीकॉम एक्ट 2023 ने 140 साल पुराने कानूनों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे नई तकनीकों को अपनाने और उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।उन्होंने 2021 के टेलीकॉम सुधारों का भी जिक्र किया, जिससे कंपनियों की वित्तीय स्थिति बेहतर हुई है।कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारतनेट को दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण ब्रॉडबैंड प्रोग्राम बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य 2.6 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायतों को जोड़ना है।मंत्री ने बताया कि देश में 5G रोलआउट करीब 22 महीनों में पूरा हुआ, जिसमें 5.1 लाख से ज्यादा बेस स्टेशन और 40 करोड़ से अधिक यूजर्स शामिल हैं।साथ ही, देश में कुल टेलीकॉम यूजर्स की संख्या 122 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है और डेटा दरें दुनिया में सबसे कम हैं।डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें ASTR के जरिए 88 लाख से ज्यादा फर्जी कनेक्शन बंद किए गए हैं और ‘चक्षु’ प्लेटफॉर्म को भी मजबूत किया गया है।हालांकि, मंत्री ने चिंता जताई कि भारतीय टेलीकॉम कंपनियां रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर 1 प्रतिशत से भी कम खर्च कर रही हैं, जबकि वैश्विक कंपनियां 15-25 प्रतिशत तक निवेश करती हैं।




