
दिल्ली/लखनऊ /रायपुर/भोपाल/ कोलकाता/चेन्नई : महिलाओं के अधिकार पर राजनीति उन दलों को भारी पड़ती नज़र आ रही है,जिन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था| ऐसे दलों के खिलाफ देश भर के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है | विभिन्न महिला संगठन और राजनैतिक दल सड़कों पर उतर कर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके (DMK) के पार्टी दफ्तरों और नेताओं के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे है| भड़की हुई महिलाएं दावा कर रही है,कि इन दलों से अब हिसाब किताब होगा,सियासी संग्राम में इन चार दलों की अर्थी उठाने में महिलाएं पीछे नहीं रहेगी|

दरअसल,लोकसभा में “महिला आरक्षण बिल” पारित कराने का दारोमदार इन्हीं चारों दलों के कंधों पर था| जबकि,PM मोदी के गारंटी देने और गृहमंत्री के लिखित आश्वासन के एलान के बावजूद विपक्ष ने “महिला आरक्षण बिल” के खिलाफ वोटिंग कर देश की आधी आबादी के अरमानों पर पानी फ़ेर दिया|इस बिल को NDA और बीजेपी की चाल बताते हुए हालाँकि, विपक्ष वोटिंग के पहले तक यही दावा सदन में करता रहा| उसने परिसीमन बिल का पेंच फंसा कर NDA के अरमानों पर पानी फेर दिया|अब केंद्र की मोदी सरकार दावा कर रही है,कि विपक्ष के अडियल रवैये के चलते महिला शक्ति को उसके वास्तविक अधिकार मुहैया नहीं हो पाए|PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने देश की लाखों महिलाओं को आशवस्त किया है,कि NDA सरकार जल्द ही महिलाओं को उनका वाज़िब हक़ दिलवाएगी,भले ही विपक्ष कितने भी रोड़े अटका ले| इधर,महिला आरक्षण बिल के पास ना होने से नाखुश महिलाएं सड़कों पर उतर कर अपना विरोध प्रदर्शन जाहिर कर रही है|दिल्ली समेत कई राज्यों में कांग्रेस पार्टी के दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है|

दिल्ली,लखनऊ,रायपुर,भोपाल,इंदौर,कोलकाता,हैदराबाद,चेन्नई,बेंगलुरु,पटना, मुंबई समेत कई बड़े शहरों में महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले राजनैतिक दलों के खिलाफ महिलाओं का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है| दिल्ली में जंतर-मंतर से लेकर कई सड़कों पर विभिन्न महिला संगठनों और बीजेपी के कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी है|

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके (DMK) का नाम लेकर कई महिलाएं यह दावा करने से नहीं चूक रही है,कि आगामी विधान और लोकसभा चुनाव में इन चारों दलों का सफ़ाया हो जाएगा ? उनकी “अर्थी” निकलेगी| महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले दलों और उनके नेताओं को पहचान कर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आह्वान किया,कि उन्हें सबक सिखाया जाएगा| सदन में इन दलों के रुख़ को देखने के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं भड़की हुई थी|




