
अमरावती/ नई दिल्ली: महाराष्ट्र के अमरावती में सामने आए सेक्स अब्यूज और ब्लैकमेल मामले में आरोपी आयान अहमद को लेकर जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक,आरोपी ने पूछताछ के दौरान बेहद सामान्य तरीके से कबूल करते हुए कहा कि पहले ब्रेकअप के बाद वह ‘प्लेबॉय’ बन गया था। अमरावती पुलिस अधीक्षक के अनुसार अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. एक आरोपी ने फ्लैट देकर वारदात में मदद की थी. 6 आरोपी वीडियो वायरल करने में शामिल रहे. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 1 टैबलेट जब्त किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. अब तक कुल 18 अश्लील वीडियो और 39 आपत्तिजनक फोटो बरामद किए जा चुके हैं.

पुलिस के मुताबिक 8 पीड़ित लड़कियों की पहचान की जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी ने भी आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है. यही वजह है कि जांच एजेंसियों के सामने शिकायतकर्ताओं का इंतज़ार यह एक बड़ी चुनौती बन गया है. जांच अधिकारियों ने अंदेशा जाहिर किया है,कि यह मामला मानसिक बीमारी से ज्यादा एक खास तरह की सोच और जीवनशैली से जुड़ा हुआ लगता है। आयान अहमद सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और उसकी लाइफस्टाइल का भी इस पूरे मामले में अहम रोल सामने आया है।

पुलिस के अनुसार, आयान का मोबाइल फोन का अच्छा कारोबार था और वह इंस्टाग्राम पर पेड प्रमोशन के जरिए भी अच्छी कमाई करता था। उसके करीब 18 हजार फॉलोअर्स थे, जिससे उसकी सोशल मीडिया पर अच्छी पकड़ थी। इसके बावजूद आयान अपने दोस्तों और परिवार से पैसे उधार लेता था। पुलिस का कहना है कि वह इस पैसे का इस्तेमाल अपनी आलीशान और दिखावटी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए करता था।अमरावती सेक्स स्कैंडल का मास्टर माइंड आयान अहमद सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों से संपर्क करता था और धीरे-धीरे उनसे दोस्ती बढ़ाता था। वह करीब चार से पांच महीने तक भरोसा जीतने की कोशिश करता था, ताकि सामने वाला उस पर पूरी तरह विश्वास कर ले। जब उसे लगता था कि भरोसा बन गया है, तो वह कथित तौर पर उनसे शारीरिक संबंध बनाने की मांग करता था और इसके लिए दबाव डालता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आयान अहमद एक समय AIMIM के अमरावती यूनिट के सोशल मीडिया हैंडल को संभालता था, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया था।

महाराष्ट्र को शर्मसार कर देने वाले अमरावती सेक्स स्कैंडल में लगातार कई खुलासे हो रहे हैं,अमरावती ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद की माने तो,अमरावती जिले के परतवाड़ा से सामने आए इस पूरे मामले में केवल कई कोचिंग संस्थानों बल्कि पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.उनके मुताबिक,छह पुलिसकर्मियों को हेडक्वार्टर अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों के संपर्क में आता था. पुलिस कोचिंग संस्थानों की भूमिका की भी जांच कर रही है, हालांकि अभी तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है. वहीं ब्लैकमेलिंग के एंगल को भी गंभीरता से खंगाला जा रहा है. पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब 6 महीनों से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था, जबकि इससे पहले भी ऐसे अपराध हुए हैं या नहीं, इसकी जांच जारी है.

मामले में अयान खान मुख्य आरोपी है, जबकि अन्य आरोपी वीडियो वायरल करने में शामिल बताए गए हैं. फ्लैट उपलब्ध कराने वाला आरोपी मानव सुगंदे, जो वर्धा से पढ़ाई के लिए परतवाड़ा आया था, उसे भी गिरफ्तार किया गया है| मामले की गंभीरता को देखते हुए अब अल्पसंख्यक आयोग और महिला एवं बाल कल्याण समिति ने भी हस्तक्षेप किया है. प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली, इसके बाद टीम परतवाड़ा थाने पहुंची और आरोपियों से भी पूछताछ कर हकीकत जानने का प्रयास किया |




