मोदी सरकार के 12 साल: उपराष्ट्रपति ने गिनाईं विकास और जनकल्याण की उपलब्धियां

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को पिछले एक दशक में देश में हुए विकास और प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने गरीबी उन्मूलन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याण योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी।

पीएमओ ने साझा किया उपराष्ट्रपति का संदेश

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने उपराष्ट्रपति के एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि अमृतकाल की ओर बढ़ते भारत में सरकार की नीतियों का लाभ विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं और किसानों तक पहुंच रहा है। उपराष्ट्रपति ने स्वामी विवेकानंद, तिरुवल्लुवर और सुब्रमण्यम भारती से प्रेरणा लेने की बात कहते हुए सभी नागरिकों से 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।

दुनिया का ध्यान भारत की प्रगति पर

सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि पिछले दशक में भारत में हुई प्रगति ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यदि भारत अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करते हुए विश्वगुरु की भूमिका निभाता है तो यह आश्चर्य की बात नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत दृढ़ संकल्प और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है।

गरीब कल्याण योजनाओं की सराहना

उपराष्ट्रपति ने सरकार के समावेशी विकास मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, 12 करोड़ लोगों तक पाइप से जल पहुंचा है और स्वच्छ भारत अभियान के तहत 60 करोड़ से अधिक लोगों को गरिमापूर्ण जीवन मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की भी सराहना की, जिसके तहत 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना को ‘गेमचेंजर’ बताते हुए कहा कि इससे 40 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज मिला है।

किसानों और महिला सशक्तीकरण का जिक्र

सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि भारतीय किसानों ने देश को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक बनाया है। उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि 3 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि देशभर की यात्रा के दौरान जब वे इन महिलाओं से मिलते हैं तो उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और उम्मीद दिखाई देती है।

चेनाब पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की तारीफ

उपराष्ट्रपति ने चेनाब रेल पुल को नए भारत के बुनियादी ढांचे का प्रतीक बताते हुए इसे इंजीनियरिंग का चमत्कार कहा। उन्होंने सीमावर्ती और दूरदराज क्षेत्रों में सड़कों और राजमार्गों के बड़े पैमाने पर निर्माण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रगति प्रधानमंत्री द्वारा प्रगति योजना के तहत की गई लगातार निगरानी के कारण संभव हो सकी।

आतंकवाद और नक्सलवाद पर सरकार की नीति की सराहना

राधाकृष्णन ने आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि साहसिक नीतिगत फैसलों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने का अवसर मिला है।

विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए नागरिकों से कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयास के जरिए भारत को वैश्विक नेतृत्व की स्थिति तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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