सूरज सिंह |
बेमेतरा | वैसे तो बेमेतरा जिला स्वास्थ्य के मामले में हमेशा से लापरवाह बना हुआ है जहां स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नई नई खामियां देखने को मिलता रहा है । अब तक बेमेतरा जिला के अधिकारी हमेशा स्टाफ की कमी का रोना रोते थे , मगर अब दवाइयों की कमी का भी रोना रोने लगे है ।
बता दें कि बरसात का मौसम लगते ही कुत्ते काटना , सांप काटना और जहरीली कीड़े मकोड़े काटने की घटना बहुत बढ़ जाता है ,जिसको लेकर राज्य स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने और आवश्यक दवाइयों की मात्रा को सुनिश्चित बनाये रखने सलाह दी जाती है | इसके बाद बेमेतरा स्वास्थ्य अमला लापरवाह बना हुआ है । बेमेतरा जिले में इन दिनों कुत्ता काटने पर लगाई जाने वाली दवा A R V (dog bite ) की कमी चल रही है , आलम यह है कि जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दवाइयों की मात्रा शून्य हो चुका है , बीते दिनों नवागढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी dog bite की दवा नही थी ।
वही इस मामले में बेमेतरा CHMO सतीश शर्मा से बात करने पर बताया कि अभी बेमेतरा जिले में कुत्ता काटने की दवा का सप्लाई नही आ रहा है , इस दवाई की कमी बेमेतरा जिले बस में कमी नही बल्कि पूरे राज्य में यही स्थिति है । वही दवाई सप्लाई नही आसे से दवाई की कमी है ।
डॉक्टर अब मरीजो को मेडिकल स्टोर से दवाई खरीदने की सलाह दे रहे है ।
सूत्र बताते है कि बेमेतरा जिला के लिए दुर्ग में 426 डोज कुत्ता काटने की दवा रखा हुआ है | मगर बेमेतरा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसे लाने कोई व्यवस्था नही किया जा रहा है जिसके चलते जिले में इसकी कमियां है । आपको बता दे कि बीते साल इस मौसम में एंटी स्नेक (सांप काटने की दवा ) खत्म हो गया था जिससे समय पर दवाई नही मिलने से 4 लोंगो की मौत भी हो गई थी । इसके बाद विभाग अपने लापरवाही से बाज़ नही आ रहा है । इधर स्वास्थ्य संचालक छत्तीसगढ़ से बेमेतरा कलेक्टर बनी शिखा राजपूत तिवारी ने इस संबंध में जांच कराने की बात कह रहे है । अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग की बागडोर संभालने वाली शिखा राजपूत तिवारी के बेमेतरा कलेक्टर बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग में कितना सुधार आता है ।