अमेरिकी दिवाला अदालत ने जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) की उस पेशकश को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने वाद निपटारे के बदले 10 अरब डॉलर यानी करीब 85,655.82 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा था। इसके साथ ही बेबी और अन्य टाल्कम पाउडर में कैंसर कारक घातक केमिकल मिलने के मामले में हजारों मुकदमों का सामना कर रही कंपनी की दिवाला रणनीति कोर्ट में तीसरी बार नाकाम हो गई।
दरअसल, जेएंडजे मुकदमों से बाहर आने के लिए अपनी एक सहायक कंपनी को दिवालिया घोषित कराने में जुटी है। यह तीसरा मौका था जब वाद निपटारे के बदले एक अच्छी-खासी रकम की पेशकश की गई। हालांकि, ह्यूस्टन स्थित दिवाला कोर्ट में मामले की सुनवाई कर रहे जज क्रिस्टोफर लोपेन ने कहा कि कंपनी दिवालिया प्रक्रिया के योग्य नहीं है। जज ने कहा, मामला उन संस्थाओं के खिलाफ कानूनी दावों से बहुत आगे निकल चुका है, जिन्होंने खुद दिवालियापन के लिए आवेदन नहीं किया। इसमें जेएंडजे के उत्पाद बेचने वाले खुदरा विक्रेता और एक उपभोक्ता स्वास्थ्य व्यवसाय केन्व शामिल है, जिसे कंपनी ने 2023 में अलग कर दिया था।
अपना प्रस्ताव खारिज होने के बाद जेएंडजे ने कहा कि वह इसके खिलाफ अपील नहीं करेगी। कंपनी अब वाद निपटारे के बजाय मुकदमा लड़ने और आरोपों के खिलाफ कानूनी जंग जीतने पर ध्यान देगी। कंपनी ने यह भी घोषणा की कि वह पहले से रखे गए 7 अरब डॉलर के रिजर्व को वापस लेगी।
जेएंडजे पर आरोप है कि उसके टाल्कम पाउडर में मौजूद एस्बेस्टस नामक खतरनाक पदार्थ के कारण महिलाओं को ओवेरियन कैंसर और फेफड़ों के कैंसर (मेसोथेलियोमा) का सामना करना पड़ा। हजारों मुकदमों के कारण कंपनी की बेबी पाउडर की बिक्री में गिरावट आई और 2020 में जेएंडजे ने अमेरिका में इसका उत्पादन बंद कर दिया। 2022 में कंपनी ने वैश्विक स्तर पर टाल्कम पाउडर बेचना पूरी तरह बंद करने का एलान किया।
इस फैसले के बाद जॉनसन एंड जॉनसन के शेयर मंगलवार को तीन फीसदी तक गिर गए, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। अब कंपनी को अमेरिका में हजारों मुकदमों का सामना करना होगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि जेएंजे इस कानूनी लड़ाई को कैसे संभालती है।