
नई दिल्ली : बजट पर चर्चा के दौरान गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल फिर हंगामे के कारण नहीं चल सका। 11 बजे सदन शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा कर दिया। सांसद प्ले कार्ड और पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए। इस बीच नारेबाजी भी होती रही। स्पीकर चेयर पर मौजूद केपी तेन्नेटी ने 7 मिनट के बाद ही सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया। इससे पहले, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें 4 फरवरी को लोकसभा स्पीकर के चैंबर में हंगामे का जिक्र है। रिजिजू ने दावा किया है कि विपक्षी सांसदों ने प्रियंका गांधी की मौजूदगी में गालियां दीं।
इधर, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ला सकती है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू राहुल गांधी के सरकार पर लगाए आरोपों के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने की बात कही थी। विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के जरिए संसद/विधानसभा का कोई सदस्य किसी दूसरे सदस्य, मंत्री या अधिकारी के हाथों सदन के विशेषाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे को सदन में रख सकता है। दरअसल, संविधान के अनुच्छेद 105 में संसद सदस्य के विशेषाधिकारों के बारे में लिखा गया है। ताकि वे बिना दबाव के काम कर सकें।

इन अधिकारों में सदन में बोलने की स्वतंत्रता, किसी बयान पर कोर्ट में मुकदमा न चलना, सही और पूरी जानकारी पाने का अधिकार शामिल है। अगर इन अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव में संबंधित सदस्य लोकसभा/राज्यसभा अध्यक्ष को नोटिस देता है। स्पीकर तय करते हैं कि मामला गंभीर है या नहीं। यदि अनुमति मिलती है, तो इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा जाता है। समिति जांच कर रिपोर्ट देती है। सदन कार्रवाई तय करता है।दोषी पाए जाने पर सदस्य को फटकार, चेतावनी, हिरासत ( रेयर केस में) और सदन से निलंबित किया जा सकता है।






