
नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं। इससे पहले वे राष्ट्रपति भवन पहुंची। यहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बजट के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने सीतारमण को दही-चीनी खिलाई।

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, ‘माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर मैं यह बजट पेश कर रही हूं। बीते 12 साल के दौरान अनिश्चितताओं के बावजूद हमने स्थिर अर्थव्यवस्था को बनाए रखा है। हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं। आत्मनिर्भरता को प्रमुख उद्देश्य बनाए रखा है। आयात पर निर्भरता को घटाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को इसका लाभ मिले, कृषि उत्पादकता बढ़े और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़े। इन उपायों की वजहों से सात फीसदी की विकास दर हासिल हुई है। इससे गरीबी उन्मूलन और लोगों के जीवन में सुधार हासिल हो सका है।

वित्त मंत्री ने कहा- हम ऐसी बाहरी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं जहां व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में है। नई प्रौद्योगिकी उत्पादन प्रणालियों को बदल रही है। भारत विकसित भारत की ओर विश्वास से भरे कदम उठाता रहेगा। भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होकर अधिक से अधिक निर्यात करना होगा। विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में लोगों का साथ खड़े रहने के लिए आभार। हमारा लक्ष्य विकास का लाभ सभी वंचित वर्गों और महिलाओं तक सुनिश्चित करना है।




