
नेशनल डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार जितनी भ्रष्ट कोई और सरकार देश में नहीं है। सिलीगुड़ी में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर सीमा सुरक्षा उपायों में बाधा डालने और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन उपलब्ध न कराने का भी आरोप लगाया।
शाह ने कहा, “मैंने संसद में कहा था कि बीएसएफ को बाड़ लगाने के लिए जमीन की जरूरत है। मैंने ममता बनर्जी को सात बार पत्र लिखा। मैं खुद भी उनके कार्यालय गया, लेकिन फिर भी जमीन नहीं दी गई।” गृह मंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि टीएमसी सरकार पश्चिम बंगाल में समुदायों के बीच तनाव को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी ने यह सुनिश्चित किया है कि बंगाल में हर समुदाय एक-दूसरे से लड़े, जिससे राज्य की एकता के लिए खतरा पैदा हो रहा है।” आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अमित शाह ने कहा कि भाजपा “उत्तर बंगाल की सभी सीट पर जीत हासिल करेगी”, क्योंकि लोग टीएमसी के “सिंडिकेट राज और भ्रष्टाचार” से तंग आ चुके हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राज्य के अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने में निर्वाचन का सहयोग नहीं कर रहे।

इससे पहले, उत्तर 24 परगना के बैरकपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बड़ी बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने टीएमसी सरकार पर घुसपैठियों को बचाने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और चुनावी फायदे के लिए जानबूझकर सीमा सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार का गठन अब सिर्फ एक राजनीतिक मकसद नहीं, बल्कि ”राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरत” है। उन्होंने यह दावा भी किया कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो जाएगी। शाह ने आरोप लगाया, ”जिस तरह से पश्चिम बंगाल में घुसपैठ हो रही है, वह पूरे देश के लिए सुरक्षा का मुद्दा बन गया है। अदालत के आदेश के बाद भी तृणमूल सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन नहीं दे रही है, क्योंकि घुसपैठिए उसके वोट बैंक हैं।”




