
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांड के अरमानों पर उस समय पानी फिर गया है, जब छत्तीसगढ़ राजस्व मण्डल बोर्ड ने बेशकीमती विवादित नजूल की जमीन मामले की सुनवाई की|बहुप्रतीक्षित मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राजस्व मण्डल बोर्ड ने इस जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी कर दिया| ढांड के फर्जीवाड़े का ब्यौरा पेश करते हुए, याचिकाकर्ता ने उन्हें भू माफिया करार दिया था|

जानकारी के मुताबिक,शासन-प्रशासन को गुमराह करते हुए,विवेक ढांड और उनके स्वर्गीय पिता सतपाल ढांड ने खुद को भूमिहीन बताते हुए,रायपुर के सिविल लाइन इलाके में नजूल जमीन का पट्टा प्राप्त कर लिया था | हैरानी वाला तथ्य यह है, कि तत्कालीन अधिकारियों ने ढांड परिवार को गुजर-बसर लायकजमीन प्रदान करने के बजाए कई एकड़ सरकारी जमीन आबंटित कर दी थी |

यही नहीं,अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए, विवेक ढांड ने इस जमीन के कई हिस्से कर खुद के प्रत्येक परिजनों के नाम आवंटित कर उसका सौंदा लगभग 800 करोड़ में कर दिया था| इस बड़े जमीन घोटाले की खरीद-फ़रोख़्त सामने आने के बाद याचिकाकर्ताओं ने कलेक्टर रायपुर और छत्तीसगढ़ शासन को पूरे मामले से अवगत कराया था| जमीन घोटाले की शिकायत की जांच को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से कोई वैधानिक कार्यवाही नहीं होने की सूरत में शिकायतकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ राजस्व मण्डल बोर्ड की शरण ली थी|

जानकारी के मुताबिक,रायपुर स्थित सिविल स्टेशन वार्ड की नजूल पट्टा आवासीय उपयोग के लिए ब्लॉक नम्बर 15 प्लॉट नम्बर 17/39 रकबा 37000 वर्ग फ़ीट,ब्लॉक नम्बर 15 प्लॉट नम्बर 17/41,17/48,17/52,17/53 का रकबा 23750 वर्गफीट,प्लॉट नम्बर 17/38 का रकबा 23000 वर्ग फ़ीट,ब्लॉक नम्बर 15 प्लॉट नम्बर 17/40 में कुल रकबा 58300 वर्गफीट का आबंटन किया गया था|बताया जाता है, कि इस तरह से ढांड परिवार के नाम 153000 वर्ग फिट जमीन की आबंटित कर दी गई थी|इसे छत्तीसगढ़ राजस्व संहिता के उल्लंघन का बड़ा मामला बताया जाता है। याचिका में पूर्व मुख्य सविच पर फ़र्ज़ी तरीके से पट्टे बनवाकर शासन को क्षति पहुँचाने का आरोप लगाया गया है|

विवेक ढांड छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव के बाद रेरा के अध्यक्ष भी रह चुके है|बताया जाता है, कि पूर्ववर्ती कांग्रेस के भू-पे राज में ढांड ने इस नजूल जमीन को फर्जी तरीके से फ्री होल्ड करवा कर उसका सौंदा करीब 800 करोड़ में कर दिया था, हालाँकि,लेन-देन की लिखा-पढ़ी 300 करोड़ की बताई जाती है| यह भी बताया जाता है, कि फ्री होल्ड के दौरान बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी भी की गई थी|इसमें शासन-प्रशासन को झूठी जानकारी देते हुए बाज़ार भाव की दर से मात्र 2 प्रतिशत की अदायगी कर जमीन की फ्री होल्ड रजिस्ट्री कराकर शासन को चूना लगाया गया था|

जानकारी के मुताबिक,तत्कालीन संयुक्त कलेक्टर ओम प्रकाश वर्मा ने पूर्व मुख्य सचिव ढांड के जमीन घोटाले और फर्जीवाड़े को उजागर कर मामला शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाया था| हालाँकि,ढांड की शिकायत सामने आने के बाद रायपुर में सड़क दुर्घटना में अचानक तत्कालीन संयुक्त कलेक्टर ओम प्रकाश वर्मा की मृत्यु हो गई थी|

बताया जाता है, कि काले कारनामे, तत्कालीन सरकार के संज्ञान में लाने के चलते ओम प्रकाश वर्मा को ढांड द्वारा प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया था|पीड़ित परिवार ने ओम प्रकाश वर्मा की मौत को असामान्य बताते हुए ढांड पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे|हालाँकि, ढांड के रसूख के चलते पीड़ितों की गुहार “नक्कारखाने में तूती की आवाज़” की तरह दबकर रह गई थी |

छत्तीसगढ़ राजस्व मण्डल बोर्ड के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए,याचिकाकर्ता पत्रकार नारायण शर्मा ने कहा, कि इस प्रकरण की जाँच छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो से करवाई जानी चाहिए| उनके मुताबिक,ईडी की जाँच में विवेक ढांड 3500 करोड़ के शराब घोटाले का मास्टर माइंड है|उसके खिलाफ समाज कल्याण विभाग के 1000 करोड़ के निःशक्त जन एनजीओ घोटाले में अदालत के निर्देश पर सीबीआई ने आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया था|रायपुर और दिल्ली,मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में पूर्व मुख्य सविच की 2 हज़ार करोड़ से ज्यादा की नामी-बेनामी संपत्ति का दावा किया जा रहा है।

याचिकाकर्ता के अलावा कई RTI कार्यकर्ताओं ने ढांड परिवार की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले को गंभीर आपराधिक वारदात बताते हुए सीबीआई जांच में तेज़ी लाने की मांग की है| तस्दीक की जा रही है, कि जांच से बचने और मामलों को कानूनी दांव-पेचों में फंसा कर ठंडे बस्ते में डालने के लिए ढांड एंड कंपनी ने अपनी तिजोरी खोल दी है कहा जा रहा है, कि दिल्ली में डेरा डाल कर उनके द्वारा विभिन्न जांच एजेंसियों में घुसपैठ कर अपना उल्लू सीधा किया जा रहा है|न्यूज़ टुडे छत्तीसगढ़ ने विवेक ढांड से संपर्क किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई |






