
नई दिल्ली : भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद अब राष्ट्रीय संगठन की नई टीम में भी पीढ़ीगत बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में बनने वाली टीम में युवा ऊर्जा और अनुभवी नेतृत्व का संतुलन साधने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि नई संगठनात्मक टीम की औसत उम्र करीब 55 वर्ष रखी जाए, जिसको लेकर शीर्ष स्तर पर मंथन शुरू हो चुका है।

अध्यक्ष पद संभालने के अगले ही दिन नितिन नवीन ने पार्टी मुख्यालय में लंबी बैठक कर सभी राज्यों की राजनीतिक स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी लोकसभा चुनाव नितिन नवीन और उनकी नई टीम के नेतृत्व में लड़े जाएंगे, इसलिए ऐसे युवा नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी, जिनमें भविष्य की चुनौतियों से निपटने और संगठनात्मक क्षमता दिखाने का माद्दा हो।

नितिन नवीन का नाम अध्यक्ष पद के लिए तय होते ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने नई संगठनात्मक टीम को लेकर विचार-विमर्श शुरू कर दिया था। विभिन्न राज्यों से उभरते युवा नेताओं की सूची तैयार की गई है। सूत्रों का कहना है कि युवा टीम गठन में कोई बड़ी बाधा नहीं है, क्योंकि संगठन को मार्गदर्शन देने के लिए अनुभवी नेता और केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य पहले की तरह सक्रिय रहेंगे। नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुद्दुचेरी में पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में भाजपा सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है, जबकि केरल में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। बैठक में महाराष्ट्र समेत स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता पर भी चर्चा हुई।उन्होंने बूथ और मंडल स्तर पर संगठन को और मजबूत करने पर जोर देते हुए पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। बैठक में विकसित भारत और वीबी जी राम-जी अधिनियम जैसे विकास कार्यक्रमों के खिलाफ कांग्रेस की कथित नकारात्मक राजनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस मुद्दे पर नितिन नवीन और निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संगठन को मार्गदर्शन दिया।




