रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की ज्यूडिशियल रिमांड 18 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है, चैतन्य रायपुर सेन्ट्रल जेल में बंद है। इस बीच सौम्या और बघेल के करीबी तांत्रिक बिलासपुर निवासी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव के खिलाफ ACB – EOW समेत पुलिस को बड़ी जानकारी मिली है। पुख्ता सबूतों के साथ तेलीबांधा पुलिस ने अदालत में चार्जशीट पेश कर विदेशी निवेश का बड़ा खुलासा किया है। इस चार्जशीट में केके और उसके बेटे कंचन श्रीवास्तव के हवाला नेटवर्क, बैंकिंग लेनदेन, करोड़ों के निवेश और सट्टा कारोबार से जुड़ाव के कई बड़े खुलासे उजागर किये गए हैं।

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, केके और उसके बेटे कंचन ने चीन और ऑस्ट्रेलिया में करोड़ों रुपए निवेश किया है। यह रकम अंतरराष्ट्रीय बाजार में हवाला के जरिए भेजी गई थी,दोनों के नाम पर हुए 441 करोड़ रुपए ज्यादा के बैंकिंग लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है। अंदेशा जाहिर किया रहा है,कि केके श्रीवास्तव की तर्ज पर भूपेश बघेल और उनके पुत्र चैतन्य बघेल ने भी अरबो की रकम विदेशो में ठिकाने लगाई है। बघेल और सौम्या के मंसूबो को पूरा करने के लिए श्रीवास्तव ने तंत्र-मन्त्र और जादू-टोने की कमान संभाली थी।

सूत्र तस्दीक करते है, कि मोबाइल और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया, महादेव बुक ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ी कंपनी ने भी श्रीवास्तव परिवार की आर्थिक सहायता की थी। चार्जशीट के अनुसार, केके श्रीवास्तव पिछली भू-पे सरकार में बेहद प्रभावशाली तांत्रिक थे उसने नोएडा निवासी रावत एसोसिएट्स कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी के तहत 500 करोड़ के ठेके का झांसा दिया और उनसे 15 करोड़ रुपए वसूले। अर्जुन सिंह ने 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच यह रकम केके और उसके बेटे के अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की। इन खातों में से तीन खाते अब्बास अली के नाम पर हैं, जो केके का करीबी था।

एफआईआर के बाद केके और कंचन फरार हो गए थे। जांच के दौरान युवा कांग्रेसी नेता आशीष शिंदे ने केके को अपनी कार CG 04 PP 0007 में छिपाकर नागपुर पहुंचाया। कुछ दिनों बाद वे दोनों दिल्ली भी गए। लगभग एक महीने बाद केके भोपाल आया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कंचन को फरार बताया है, जबकि उसे रायपुर और बिलासपुर में घूमते देखा गया है। यहां तक कि पुलिस ने उसे एक बार हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद छोड़ दिया, जबकि वह नामजद आरोपी है। यह मामला राज्य की राजनीति और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस केस में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
