
नेशनल डेस्कः मंगलवार को चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। MCX पर चांदी 3,63,200 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। कमजोर अमेरिकी डॉलर, वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिका के नए टैरिफ कदमों के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में चांदी की ओर बढ़ गए।
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी को केवल निवेश की सुरक्षित संपत्ति (सेफ हेवन) की मांग ही नहीं, बल्कि करेंसी मार्केट में हुई हलचल ने भी समर्थन दिया। अमेरिकी डॉलर लंबे समय के न्यूनतम स्तर के आसपास बना रहा, जिससे डॉलर में कीमत वाली कमोडिटीज विदेशी निवेशकों के लिए और आकर्षक बन गईं।
MCX पर रिकॉर्ड रेट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत में 8.52% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 3,63,200 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इसके साथ ही सोने की कीमत में भी तेजी देखी गई, जो 1.71% बढ़कर 10 ग्राम के लिए 1,58,700 रुपये पर पहुंच गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दक्षिण कोरिया के खिलाफ उठाए गए टैरिफ कदमों और बढ़ते ट्रेड टेंशन का असर भी इस तेजी में देखा गया।
पिछले साल चांदी में 200% की बढ़त
पिछले 12 महीनों में चांदी की कीमतों ने लगभग 200% से अधिक का लाभ दिया है। Motilal Oswal Financial Services Ltd की रिपोर्ट के अनुसार, चांदी ने इस अवधि में सोने सहित अन्य प्रमुख एसेट्स को पीछे छोड़ते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि लंबी अवधि में चांदी का रुझान मजबूत बना हुआ है। इंडस्ट्रियल मांग और सीमित आपूर्ति इसका समर्थन कर रही हैं, हालांकि हालिया तेजी के बाद निकट अवधि में कीमतों में स्थिरता या पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन की संभावना बढ़ गई है।
आगे का रुख
विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू बाजार में चांदी और सोने की कीमतें अमेरिकी डॉलर और रुपये के उतार-चढ़ाव के साथ-साथ अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी और केंद्रीय बैंकों से जुड़ी नीतियों के प्रति संवेदनशील बनी रहेंगी। घरेलू निवेशकों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे वैश्विक आर्थिक घटनाओं और करेंसी मूवमेंट पर नजर रखें।




