
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का माहौल आज बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी पर सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के अपमान का गंभीर आरोप लगाया. सदन में गुरु साहिब की 350वीं शहादत दिवस पर विशेष धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जा रहा था. इस दौरान विपक्ष की नेता आतिशी ने कथित तौर पर टिप्पणी की कि गुरुओं के सम्मान की चर्चा छोड़ प्रदूषण पर बात होनी चाहिए. इस बयान के बाद बीजेपी मंत्रियों और विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की. मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने आतिशी के इस व्यवहार को ‘निम्न स्तर की हरकत’ करार दिया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी संस्कृति और जड़ों से जुड़ाव पर जोर देते हुए विपक्ष को घेरा. अब आतिशी से माफी की मांग की जा रही है और उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी है.

क्या आतिशी ने जानबूझकर किया गुरु साहिब की शहादत का अपमान ?
दिल्ली विधानसभा में मंगलवार का दिन बेहद हंगामेदार रहा. सदन में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहादत दिवस पर एक धन्यवाद प्रस्ताव रखा गया था. इस पवित्र विषय पर पक्ष और विपक्ष के नेता अपनी बात रख रहे थे. मंत्री आशीष सूद के मुताबिक, जब गुरु साहिब के सम्मान में चर्चा चल रही थी, तभी नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बीच में टोकते हुए कहा कि गुरुओं के सम्मान पर बोलने की क्या जरूरत है, प्रदूषण पर चर्चा करो. इस टिप्पणी को सदन के मंत्रियों ने गुरुओं का अपमान माना है. कपिल मिश्रा ने इसे बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि आतिशी ने शहादत का निरादर किया है. मंत्रियों का कहना है कि जब पूरा देश गुरु साहिब की कुर्बानी को याद कर रहा है, तब इस तरह की ‘लिप सर्विस’ और अपमानजनक भाषा शोभा नहीं देती.

प्रदूषण पर चर्चा का बहाना या गुरु साहिब के सम्मान से परहेज़ ?
आतिशी के इस विरोध पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. मंत्रियों ने साफ किया कि प्रदूषण पर चर्चा पहले से ही अगले दिन के लिए शेड्यूल्ड है. इसके बावजूद आतिशी ने गुरु साहिब के विषय के बीच में प्रदूषण का मुद्दा उठाकर हंगामा करने की कोशिश की. मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी इस पर गहरा खेद जताया है. उन्होंने कहा कि सदन में एक अत्यंत पवित्र विषय पर बात हो रही थी, लेकिन आतिशी ने जिस तरह के अपशब्दों का इस्तेमाल किया, वह निंदनीय है. सिरसा के मुताबिक, आतिशी यह जानती थीं कि प्रदूषण पर कल चर्चा होनी है, फिर भी उन्होंने शहादत के अपमान का रास्ता चुना. बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह केवल राजनीति के लिए किया गया एक ड्रामा है, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं.

कपिल मिश्रा ने क्यों कहा कि आतिशी अब ‘मुंह छुपाए’ फिर रही हैं?
मंत्री कपिल मिश्रा ने आतिशी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह अब सदन में मास्क पहनकर अपना मुंह छुपा रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे सत्ता में थे, तब प्रदूषण को लेकर क्या किया गया था? क्या उस समय यमुना में डॉल्फिन तैरती थीं? मिश्रा ने आरोप लगाया कि आतिशी जिस मुद्दे को लेकर आज चर्चा की मांग कर रही थीं, वह पहले से ही तय था. उन्होंने घोषणा की कि आतिशी के इस व्यवहार के खिलाफ सदन में एक ‘निंदा प्रस्ताव’ लाया जाएगा. सरकार का कहना है कि आतिशी को अपनी इस स्तरहीन टिप्पणी के लिए पूरे सदन और सिख समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण कैसे दिया?
इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने बताया कि दिल्ली में गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस भव्य तरीके से मनाया गया. अमित शाह जी के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई थी. जिस लाल किले से कभी गुरु साहब के खिलाफ फरमान जारी हुए थे, आज वहां से गुरुवाणी गूंज रही है. सीएम ने कहा कि दिल्ली के स्कूलों में गुरु साहिब की जीवनी पर आधारित 5 लाख पुस्तकें बांटी गई हैं. उन्होंने जोर दिया कि जो देश अपना इतिहास भूल जाता है, उसका वर्तमान कभी याद नहीं रखा जाता. रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली हर धर्म और संस्कृति का सम्मान करती है, चाहे वह दिवाली हो, छठ हो या फिर साउथ इंडिया के त्योहार हों.




