
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। सुरक्षाबल लगातार नक्सल विरोधी अभियानों को अंजाम दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया किया जाएगा। इसी लक्ष्य को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। उनका यह दौरा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह शनिवार रात रायपुर पहुंचेंगे। रविवार को वे राज्य में नक्सल स्थिति की समीक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद अमित शाह बस्तर रवाना होंगे, जहां वे बस्तर पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में शिरकत करेंगे।

बीते दो महीनों में यह अमित शाह का दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर के बीच राज्य आए थे। उस दौरान उन्होंने नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में भाग लिया था। अमित शाह का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि नक्सलवाद के खात्मे की तय समय-सीमा अब नजदीक आ रही है। 31 मार्च 2026 की यह डेडलाइन खुद अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में ही घोषित की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि इस दौरे के बाद जवानों के ऑपरेशन और तेज तथा ज्यादा सख्त हो सकते हैं।







