दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक एक दिन पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को सभी दलों के फ्लोर नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक का उद्देश्य आगामी सत्र के दौरान दोनों सदनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से संवाद करेंगे और उनसे अपील करेंगे कि संसद की कार्यवाही बिना व्यवधान के चल सके। रिजिजू ने सोशल मीडिया पर भी विपक्ष से सहयोग की उम्मीद जताई है। यह बैठक राजनीतिक रणनीतियों, लंबित विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण संसदीय मुद्दों पर चर्चा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष की संभावित रणनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रविवार की बैठक के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विपक्ष ‘एसआईआर’ मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग द्वारा कराया जा रहा एसआईआर उसके अधिकार क्षेत्र में आता है और बिहार में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जिसमें एसआईआर के चलते किसी का नाम हटाया गया हो। दुबे ने यह भी कहा कि भारतीय चुनाव भारतीय वोटरों से होंगे, न कि विदेशी मतदाताओं से, और एसआईआर का विरोध वही लोग कर रहे हैं जो विदेशी ताकतों के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहते हैं।
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। इससे पहले रविवार सुबह 11 बजे संसद भवन में यह सर्वदलीय बैठक आयोजित की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि सत्र के दौरान सभी दल सहयोग करें और देशहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके।
