नई दिल्ली: कोरोना महामारी को कई भूल नहीं सकता. कोरोना ने पूरी दुनिया में लाखों लोगों की जान ले ली. चीन से फैले इस वायरस ने पूरी दुनिया में कहर बरपाया. एक बार फिर कोरोना फैलने का डर सताने लगा है. क्योंकि चीन के एक लैब में कोविड-19 का नया वायरस मिला है. चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के शोधकर्ताओं ने एक नए कोरोना वायरस की खोज की है. यह कोविड-19 के लिए जिम्मेदार वायरस के समान है. यह वायरस मानव स्वास्थ्य के लिए एक नया खतरा पैदा कर सकता है.
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह नया वायरस अभी तक इंसानों में नहीं पाया गया है. शोधकर्ताओं के अनुसार यह वायरस उन्हीं रिसेप्टर के जरिए कोशिकाओं में प्रवेश करता है, जिनका उपयोग कोविड-19 वायरस करता है. शोधकर्ताओं ने बताया कि यह वायरस इंसानों और अन्य स्तनधारियों के शरीर में पाए जाने वाले एक प्रोटीन से जुड़कर कोशिकाओं को संक्रमित करता है. यह वायरस मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) के कारण बनने वाले कोरोना वायरस परिवार से निकटता से संबंधित है.
MERS वायरस जिसे 2012 से मई 2024 तक लगभग 2,600 लोगों में पुष्टि की गई है ने संक्रमित लोगों में से लगभग 36% की जान ले ली है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट के अनुसार अधिकांश मामले सऊदी अरब में पाए गए हैं. वुहान वायरस रिसर्च सेंटर चमगादड़ों में पाए जाने वाले कोरोना वायरस पर अपने काम के लिए जाना जाता है.
कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बारे में एक सिद्धांत यह है कि यह वुहान लैब से लीक हुआ हो सकता है, शायद किसी संक्रमित कर्मचारी के माध्यम से. संस्थान के शोधकर्ताओं ने पहले किसी भी ऐसे वायरस पर काम करने से इनकार किया है जो महामारी की शुरुआत कर सकता था. विवाद के बाद 2023 में अमेरिका ने इस लैब के लिए फंडिंग रोक दी थी, जिसे यूएस-आधारित इकोहेल्थ एलायंस के माध्यम से फंड प्राप्त हुआ था.