
दिल्ली: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन ही पक्ष-विपक्ष में जोरदार बहस के साथ ही साफ हो गया है कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा 10 घंटे से अधिक समय तक चल सकती है। इसके लिए कांग्रेस, टीएमसी समेत बीजेपी और एनडीए के नेताओं को चिन्हित कर बहस में हिस्सा लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। दरअसल, विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कमर कसे हुए हैं, बहस के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने तैयारी कर रखी है।

अविश्वास प्रस्ताव पर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। जबकि शरद पवार की पार्टी एनसीपी (SC) ने अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है। बता दें कि इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए तीन बार औपचारिक रूप से प्रस्ताव पेश किए गए हैं, लेकिन कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया है। हालांकि, ओम बिरला पहले ही संसद को बता चुके हैं कि जब तक उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का निपटारा नहीं हो जाता वह सदन में मौजूद नहीं रहेंगे।इस सिलसिले में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिरिजू ने दिल्ली में सत्तापक्ष की तरफ से बहस में हिस्सा लेने वाले सांसदों के साथ बैठक की है, जबकि कांग्रेस ने भी अपने सीनियर नेताओं के साथ बैठक करके रणनीति तैयार की है। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी पूरी मजबूती और तैयारी के साथ में विपक्ष के सभी आरोपों का खंडन करेगा। सरकार विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपालों का किया गया कथित अनादर को संसद में विपक्ष को घेरने के लिए कर सकती है।

दरअसल, विपक्ष लंबे समय से ओम बिरला पर भेदभाव का आरोप लगा रहा है। उन पर यह आरोप साल 2019 के बाद से ही लग रहे हैं। कांग्रेस समेत 118 सांसदों ने सत्र के पहले चरण के दौरान 10 फरवरी को लोकसभा सचिवालय को स्पीकर के खिलाफ नोटिस दिया था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं और विपक्ष को पर्याप्त मौका नहीं दे रहे हैं।सत्र के हंगामेदार होने की आशंका के बीच विदेश मंत्री जे जय शंकर ने आज सदन में वैश्विक परिदृश्य और भारत के पक्ष से सदन को अवगत कराया। मिडिल ईस्ट में चल रही टेंशन को लेकर आज विदेश मंत्री ने संसद के दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। सदन की कार्रवाही शुरू होते ही हल्का शोरगुल और नारेबाजी सुनाई दी। इसके पश्चात समूचा विपक्ष आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की गहमा—गहमी में व्यस्त नजर आया। पश्चिम एशिया में संघर्ष और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर मोदी सरकार विपक्ष पर कड़े तेवर अपनाते नजर आए। फिलहाल सरकार और विपक्ष के बीच संसद में नए सिरे से टकराव के आसार जाहिर किए जा रहे हैं।




