
मुंबई : ब्यूटी पेजेंट ‘मिस इंडिया अर्थ 2019’ ने एक बार फिर हिंदू धर्म अपना लिया है| उन्होंने अपने मुस्लिम पति पर कई गंभीर आरोप लगाए,उन्होंने कहा,कि प्यार में मारपीट कर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए उसके पति ने जमकर प्रताड़ित किया था | ब्यूटी पेजेंट ‘मिस इंडिया अर्थ का खिताब जीतकर देश भर में पहचान बनाने वाली सायाली सुर्वे एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई ग्लैमर वर्ल्ड की उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़े पहलुओं को लेकर है| उनके एक साहसी फैसले की प्रशंसा की जा रही है। दरअसल, सायाली ने पुणे के पिंपरी-चिंचवाड़ में आयोजित एक समारोह के जरिए वापस हिंदू धर्म अपना लिया है। उन्होंने एक मुस्लिम व्यवसायी के साथ शादी की थी| उनकी माने तो,इस शादी के बाद कथित मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से वो तंग आ चुकी थी | उन्होंने धर्म वापसी कर नई जिंदगी की शुरुआत की है |सायाली का यह फैसला और उनकी आपबीती सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक चर्चा का विषय बनी हुई है। इसमें प्रेम विवाह से इस्लाम कुबूल करने तक का सफरनामा शामिल है|

जानकारी के मुताबिक,प्यार में तकरार की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, जब सायाली ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर मीरा-भायंदर के एक व्यवसायी आतिफ तासे से विवाह किया था। इस अंतरधार्मिक शादी के बाद सायाली ने इस्लाम धर्म अपना लिया था | उनका नाम बदलकर अतेजा तासे रख दिया गया था । मूल रूप से मुंबई की रहने वाली और पुणे में पली-बढ़ी सायाली सुर्वे ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की थी। ब्यूटी पेजेंट जीतने के अलावा उन्होंने एविएशन स्टडीज में उच्च शिक्षा प्राप्त की है।

सायाली के मुताबिक,शादी के समय उन्हें लगा था कि यह उनकी जिंदगी की एक नई और सुखद शुरुआत होगी, शादी के कुछ समय बाद ही उनके वैवाहिक जीवन में कड़वाहट और विवादों ने जगह ले ली। आखिरकर उन्होंने घर वापसी का निर्णय लिया | सायाली ने मीडिया के सामने आकर अपनी आपबीती साझा की और आरोप लगाया कि आतिफ तासे के साथ शादी करना उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें न केवल मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उन पर लगातार धर्म परिवर्तन और रस्मों को लेकर दबाव बनाया गया था। सायाली के अनुसार, उन्होंने अपने चार बच्चों के भविष्य की खातिर लगभग 10 वर्षों तक इस घुटन भरे रिश्ते को सहन किया। लेकिन जब पानी सिर से गुजरने लगा तब उन्होंने मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई | इस मामले का भी जिक्र करते हुए कहा,कि पुलिस से उन्हें अपनी उम्मीद के मुताबिक सहायता नहीं मिली। आखिरकार धैर्य की सीमा समाप्त होने पर उन्होंने इस रिश्ते को खत्म करने का फैसला लिया और घर वापसी कर अपनी जड़ों की ओर लौटी। पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में हिंदू संगठनों के सहयोग से पिंपरी-चिंचवाड़ में वैदिक रीति-रिवाजों और हवन के साथ उनका शुद्धिकरण कर घर वापसी सुनिश्चित हुई | अब उन्होंने अपना नया नाम आद्या सुर्वे रख लिया है।

कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सायाली (अब आद्या) ने अन्य महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा, ‘किसी भी लड़की को प्रताड़ना सहन नहीं करनी चाहिए। भगवान ने हमें इन रावणों के सामने हार मानने के लिए जीवन नहीं दिया है।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मां के तौर पर वह अपने घर को बचाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन आखिर में बच्चों की सुरक्षा और स्वाभिमान के लिए उन्हें बाहर आना पड़ा। फिलहाल महाराष्ट्र के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में यह मामला काफी गंभीर बना हुआ है और लोग सायाली के इस साहसी कदम पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।






