
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट, मैसूरू में 30 सिंगल-ऑक्यूपेंसी वाले छात्रावास की आधारशिला रखी। यह सुविधा प्रशिक्षुओं, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और स्वयं सहायता समूहों के लिए आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समर्थन देने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है।
आरकेवीवाई के तहत तैयार होगा आधुनिक परिसर
यह परियोजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत विकसित की जा रही है। एम.जी. हल्ली परिसर में बन रहा यह कॉम्प्लेक्स लगभग 50 प्रतिभागियों को ठहराने की क्षमता रखेगा और इसमें रसोई व डाइनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। इसके एक वर्ष के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
मिलेट्स नवाचार और प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा
दौरे के दौरान मंत्री ने CFTRI में स्थापित भारत के पहले मिलेट्स ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की भी समीक्षा की। उन्होंने इसे अनुसंधान को बाजार से जोड़ने वाली वैश्विक स्तर की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय तकनीक से विकसित मिलेट आधारित व्यंजन अब McDonald’s जैसे अंतरराष्ट्रीय फूड चेन में भी परोसे जा रहे हैं, जो इन पारंपरिक अनाजों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
पारंपरिक उत्पादों पर भी शोध
इस केंद्र में जम्मू-कश्मीर के पारंपरिक ‘कलारी’ चीज से टिकाऊ खाद्य उत्पाद विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है, जिससे वैल्यू-एडेड फूड इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
उन्नत प्रोसेसिंग क्षमता से लैस केंद्र
मिलेट्स सेंटर में सात इंटीग्रेटेड प्रोसेसिंग लाइनें स्थापित हैं, जो सफाई, डीहुलिंग, पॉलिशिंग और सॉर्टिंग जैसी प्रक्रियाओं के साथ आटा, सूजी, फ्लेक्स, बेक्ड और एक्सट्रूडेड उत्पादों के निर्माण को सक्षम बनाती हैं। इसकी प्रोसेसिंग क्षमता 1,000 किलोग्राम प्रति घंटा तक है और यह मिलेट आटे की शेल्फ लाइफ को एक महीने से बढ़ाकर लगभग 10 महीने तक करने में सक्षम है।
20 करोड़ की परियोजना, नौ प्रकार के मिलेट्स पर काम
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, 20 करोड़ रुपए की इस सुविधा में नौ प्रकार के मिलेट्स को प्रोसेस करने की क्षमता है। यह केंद्र स्वच्छ, स्वचालित वातावरण में बड़े पैमाने पर उत्पादन और पोषक तत्वों को बेहतर बनाए रखने में मदद करेगा।
उद्यमिता और बाजार से जुड़ाव पर जोर
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगला चरण मिलेट आधारित उत्पादों के उद्यमिता इकोसिस्टम को विस्तार देने का है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहुंच बढ़ाने और स्टार्टअप्स व एमएसएमई के साथ मजबूत जुड़ाव पर जोर दिया, खासकर रेडी-टू-ईट और सुविधा खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में।
खाद्य अर्थव्यवस्था के लिए समग्र दृष्टिकोण
मंत्री ने कहा कि मिलेट्स इनोवेशन सेंटर और नया आवासीय प्रशिक्षण परिसर, दोनों मिलकर खाद्य नीति के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाते हैं, जिसमें अनुसंधान, कौशल विकास और उद्यम सृजन को जोड़ा गया है।
पोषण और आर्थिक विकास में मिलेट्स की भूमिका
बढ़ते वैश्विक फोकस के बीच जलवायु-अनुकूल फसलों और टिकाऊ पोषण के संदर्भ में मिलेट्स भारत की खाद्य रणनीति का अहम हिस्सा बन रहे हैं। CFTRI का यह मॉडल तकनीक, उद्योग सहयोग और जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण को जोड़ते हुए आर्थिक विकास और बेहतर पोषण परिणामों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




