
रायपुर : छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती के मामलों को लेकर राजनीति उफान पर है| इस बीच जानकारी सामने आई है,कि प्रदेश में
नारकोटिक्स चीफ़ की कमान वर्ष 2003 बैच के IPS रतन लाल डांगी के हाथों में है| उन्हें पिछले लगभग 3 माह पहले ही यह कुर्सी थमाई गई थी|राज्य में ‘डांगी फैक्टर’-“डांगी एक्शन प्लान” और राजनीतिक घमासान सब कुछ इन दिनों सुर्ख़ियों में है| “प्रेम रतन” से ‘एक्शन रतन’ तक, नारकोटिक्स चीफ़ की कमानधारी, डांगी की एंट्री,कई सवाल खड़े कर रही है|

सवाल तो गृहमंत्री की कार्यप्रणाली और नेतृत्व को लेकर भी उठाया जा रहा है| जनता पूछ रही है,कि पुलिस की बैठकों में मंत्री जी आखिर क्या करते है ? किसे निर्देश देते है ? पिछली बैठकों में क्या उन्होंने कभी अफीम की खेती के रोकथाम को लेकर कोई फरमान जारी किया था| कुल मिलाकर प्रदेश के सबसे महत्त्वपूर्ण गृह विभाग के कार्य और जनता के प्रति मंत्री जी की कोई जिम्मेदारी है या नहीं ? इसे लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना भी जोर-शोर से हो रही है|हालांकि,अफ़ीम की खेती के एक के बाद एक,मामले के सामने आने के बाद महकमे ने अब जा कर साफ़ किया है,कि प्रदेश में नारकोटिक्स चीफ़ की कमान रतन लाल डांगी को सौंपी गई थी|अफीम की अवैध खेती को मुद्दा बना कर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग ज़ोर-शोर से कर रहे है |

पुलिस मुख्यालय की ओर से ये साफ़ नहीं किया गया है,कि प्रदेश की एंटी नारकोटिक्स विंग आखिर इतने दिनों से कर क्या रही थी ? अवैध रूप से अफीम उत्पादन के मामले सामने आने के बाद अब बवाल मचने पर खुलासा हुआ है,कि पुलिस मुख्यालय में इस विंग की कमान रतन लाल डांगी ही संभाल रहे है उधर,रायगढ़ के तमनार में अफ़ीम की लहलहाती फ़सल राज्य की बीजेपी सरकार को मुंह चिढ़ा रही है| विपक्ष गृहमंत्री विजय शर्मा के इस्तीफे की मांग कर रहा है| उसकी दलील है,कि दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ में अफीम की खेती का खुलासा प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था का सवाल है ? पुलिसिंग ध्वस्त हो चुकी है,और नशे के सौदागरों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है|

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया है | महंत ने अफीम की खेती को बढ़ावा देने का आरोप मढ़ते हुए गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की है| महंत ने कहा,कि तरबूज की आड़ में ‘ज़हर’ की खेती हो रही है और छत्तीसगढ़ सरकार सो रही है| उन्होंने फेसबुक वॉल में लिखा,कि दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ के तमनार (आमाघाट)में अफीम की खेती का खुलासा प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोल रहा है।

महंत आगे लिखते है,हैरानी की बात है कि जिस जमीन पर तरबूज और ककड़ी उगाने का दावा किया गया, वहां अफीम की फसल लहलहा रही थी। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया,कि क्या अफीम रातों-रात उग आती है? क्या पुलिस और स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं थी?महंत को मिलीभगत का संदेह है,उन्होंने लिखा,कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गहरे भ्रष्टाचार और ऊंचे रसूखदारों के संरक्षण का संकेत है। उन्होंने कहा,कि कानून व्यवस्था ध्वस्त है,भाजपा सरकार की नाक के नीचे छत्तीसगढ़ नशे का गढ़ बनता जा रहा है।

महंत ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा,कि प्रदेश के भविष्य को नशे की आग में झोंकने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए|छत्तीसगढ़ में गैर कानूनी रूप से अफीम की खेती के लगातार सामने आ रहे मामलों ने विपक्ष को बीजेपी के खिलाफ बड़ा मुद्दा थमा दिया है| कांग्रेस के कई नेता उन खेत-खलियानों में दाखिल हो कर बीजेपी पर हमलावर रुख अपना रहे है,रायगढ़ के तमनार में भी अफीम के खेत पर कांग्रेस का डंटा हुआ है | पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव ने इसे बेहदचिंताजनक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उधर,पुलिस ने खुलासा किया है, तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट इलाके में करीब एक एकड़ में अफीम के पौधे लगाए गए थे। उसके मुताबिक,आरोपी ने किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था। इसके बाद ससुराल में रहकर दोस्तों के साथ मिलकर अफीम का कारोबार शुरू कर दिया। आरोपी की रायगढ़ में ही 10 साल पहले शादी हुई थी। जानकारी के मुताबिक, मार्शल सांगा की शादी तमनार के आमाघाट निवासी सुषमा खालको से हुई थी। इसके बाद वो पिछले 8-10 वर्षों से यहां आकर रहने लगा था। बताया जा रहा है कि आरोपी कभी झारखंड तो कभी आमाघाट में रहता था। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अफीम की खेती शुरू कर दी।पुलिस ने झारखंड के खूंटी जिले के रहने वाले मार्शल सांगा (40) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि, जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उधर, हरकत में आई सरकार ने रायगढ़ में अफीम की खेती को लेकर अपनी सफाई दी है|

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहे हैं. 2 सालों में सख्ती से कार्रवाई हुई है और जांच भी हो रही है. जांच होने पर चाहे कितना भी बड़ा आदमी हो, कड़ी कार्रवाई होगी|

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अफीम की खेती को लेकर कहा कि दुर्ग में अफीम की खेती मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरे प्रदेश भर में जांच करवाने के आदेश दिए और कार्यवाही भी की जा रही है.जिसके बाद और भी मामले सामने आए हैं. रही बात कांग्रेस के आरोप की, तो ये कांग्रेस के ही लगाए गए बीज हैं. जिसे अब हमारी सरकार साफ कर रही है.नशे का गढ़ कांग्रेस ने बनाया और आरोप हम पर लगा रही हैं.फ़िलहाल,अफीम की खेती के आम होते मामले प्रदेश की जमीनी हकीकत बयां कर रहे है|चर्चा यह भी है,कि गृहविभाग में नियंत्रण स्थापित करने के मामले में विभागीय मंत्री फेल साबित हुए है|





