
Top 10 Airlines Ranking: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के मन में हमेशा एक ही सवाल होता है कौन सी एयरलाइन सबसे सुरक्षित है? इस सवाल का जवाब देते हुए विमानन सुरक्षा रेटिंग वेबसाइट AirlineRatings.com ने साल 2026 के लिए दुनिया की सबसे सुरक्षित एयरलाइंस की रैंकिंग जारी कर दी है। इस साल की रिपोर्ट में एतिहाद एयरवेज (Etihad Airways) ने इतिहास रचते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
कैसे तय हुई यह रैंकिंग?
दुनियाभर की 320 एयरलाइंस के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद यह लिस्ट तैयार की गई है। रैंकिंग तय करने के लिए इन मुख्य बिंदुओं पर गौर किया गया:
- उड़ानों का रिकॉर्ड: पिछले सालों में हुई सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की संख्या।
- पायलट ट्रेनिंग: विमान चालकों के प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों का स्तर।
- विशेष फोकस: इस साल टर्बुलेंस (हवाई झटकों) से निपटने और यात्रियों की सुरक्षा के इंतज़ामों को खास तवज्जो दी गई है।विमानों की उम्र: एयरलाइन के पास मौजूद विमान कितने नए और आधुनिक हैं।
- एतिहाद एयरवेज (Etihad Airways)
- कैथे पैसिफिक (Cathay Pacific)
- क्वांटस (Qantas)
- कतर एयरवेज (Qatar Airways)
- एमिरेट्स (Emirates)
- एयर न्यूजीलैंड (Air New Zealand)
- सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines)
- ईवीए एयर (EVA Air)
- वर्जिन ऑस्ट्रेलिया (Virgin Australia)
- कोरियन एयर (Korean Air)
भारतीय एयरलाइंस का क्या रहा हाल?सुरक्षा के वैश्विक मानकों की इस रेस में भारतीय एयरलाइंस के लिए खबर अच्छी नहीं है। टॉप-25 सुरक्षित एयरलाइंस की सूची में भारत की एक भी एयरलाइन जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय विमानन कंपनियों को अपने पायलट प्रशिक्षण और बेड़े के रखरखाव (Maintenance) पर अभी और काम करने की ज़रूरत है ताकि वे ग्लोबल रैंकिंग में ऊपर आ सकें।
सुरक्षा में अंतर बेहद कमAirlineRatings.com की सीईओ शेरॉन पीटरसन के मुताबिक टॉप लिस्ट में शामिल कंपनियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा था। उदाहरण के लिए पहले और छठे स्थान के बीच मात्र 1.3 अंकों का फासला है। उन्होंने बताया कि टॉप-25 में शामिल सभी एयरलाइंस एविएशन सेक्टर की लीडर हैं और इन पर पूरी तरह भरोसा किया जा सकता है।


भारतीय एयरलाइंस का क्या रहा हाल?सुरक्षा के वैश्विक मानकों की इस रेस में भारतीय एयरलाइंस के लिए खबर अच्छी नहीं है। टॉप-25 सुरक्षित एयरलाइंस की सूची में भारत की एक भी एयरलाइन जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय विमानन कंपनियों को अपने पायलट प्रशिक्षण और बेड़े के रखरखाव (Maintenance) पर अभी और काम करने की ज़रूरत है ताकि वे ग्लोबल रैंकिंग में ऊपर आ सकें।
सुरक्षा में अंतर बेहद कमAirlineRatings.com की सीईओ शेरॉन पीटरसन के मुताबिक टॉप लिस्ट में शामिल कंपनियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा था। उदाहरण के लिए पहले और छठे स्थान के बीच मात्र 1.3 अंकों का फासला है। उन्होंने बताया कि टॉप-25 में शामिल सभी एयरलाइंस एविएशन सेक्टर की लीडर हैं और इन पर पूरी तरह भरोसा किया जा सकता है।


