
Liquor Price Hike: शराबियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कर्नाटक सरकार ने ‘कर्नाटक आबकारी नियम, 2026’ का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। यानी की अब राज्य में शाराब पर टैक्स लगने का तरीका बदलने वाला है। ऐसे में अगर यह नीति कर्नाटक में लागू होता है तो यह देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा,जो अल्कोहल-इन-बेवरेज (AIB) आधारित टैक्स सिस्टम अपनाएगा। जानते हैं कि क्या है ये सिस्टम?
क्या है नया AIB आधारित टैक्स सिस्टम?
दरअसल मौजूदा समय में, कर्नाटक में शराब पर टैक्स उसकी MRP या बोतल के टोटल वॉल्यूम के आधार पर लगाया जाता है। अगर नया सिस्टम लागू होता है तो टैक्स अब बोतल की कीमत पर नहीं उसमें मौजूद Pure Alcohol की मात्रा के आधार पर तय होगा। अगर आसान भाषा में कहें तो बोलत में जितनी अल्कोहल होगी उतने % ही टैक्स लगाया जाएगा।पिछली बार 60 साल पहले इसमें बदलाव किया गया था। यानि अब राज्य सरकार कर्नाटक आबकारी अधिनियम, 1965 के तहत नियमों में यह संशोधन कर रही है। दावा किया जा रहा है कि नई नीति वैज्ञानिक है।
क्या कीमतें भी होंगी प्रभावित
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के बाद शराब और बीयर की कीमतों में 10% से 20% तक का इजाफा हो सकता है। इन नए नियमों के तहत मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अपने ब्रांड की कीमतें तय कर सकेंगी।हालांकि उन पर लगने वाला टैक्स अल्कोहल की मात्रा के अनुसार सरकार ही वसूलेगी। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि स्ट्रॉन्ग बीयर और उच्च अल्कोहल वाली इंडियन मेड लिकर (IML) की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल आ सकता है।
नई नीति लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य
इस नीति को लाने के पीछे सरकार का मकसद राज्य के Revenue में बड़ी बढ़ोतरी करना है। साथ ही सरकार का तर्क है कि कीमत के बजाय नशीले पदार्थ की मात्रा पर टैक्स लगाना अधिक तर्कसंगत है।




