New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addresses the TV9 Network Summit 2026 under the theme ‘India and the World’, in New Delhi on Monday, March 23, 2026. (Photo: IANS/PIB)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। वह सुबह लगभग 11:30 बजे वे गौतम बुद्ध नगर में जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे प्रधानमंत्री मोदी नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) ने कल गुरुवार को एक बयान जारी इसकी जानकारी दी है। यमुना एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक रूप से स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के निर्बाध जुड़ाव के साथ एक बहु-मोडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जो यात्रियों और माल ढुलाई के लिए कुशल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है।
गौरतलब है कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के कुल निवेश से विकसित किया गया है। प्रारंभिक चरण में हवाई अड्डे की यात्री संचालन क्षमता 12 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (एमपीपीए) होगी, जो हवाई अड्डे के पूर्ण विकसित होने तक 70 एमपीपीए तक हो जाएगा। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों के संचालन में सक्षम है। इसके साथ ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग सहित आधुनिक नेविगेशन सिस्टम हैं, जो हर मौसम में दिन-रात संचालन में कुशल है।
आपको बता दें, इस हवाई अड्डे में एक सुदृढ़ कार्गो प्रणाली भी शामिल है, जिसमें एक मल्टी-मोडल कार्गो हब, इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स जोन शामिल हैं। कार्गो सुविधा को प्रति वर्ष 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है, जिसे लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है और इसमें 40 एकड़ का एक समर्पित रखरखाव, मरम्मत तथा ओवरहाल (एमआरओ) सुविधा क्षेत्र भी शामिल है।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन भारत के वैश्विक विमानन केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में परिकल्पित यह हवाई अड्डा, देश के हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संपर्क को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक है। ये दोनों हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे, जिससे भीड़ कम होगी, यात्री क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली एनसीआर को वैश्विक विमानन केंद्रों में अग्रणी स्थान प्राप्त होगा।



