
ईरान ने दावा किया है कि उसने दुबई में मौजूद अमेरिकी सेना के दो “छिपे ठिकानों” (hideouts) पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यह दावा ईरान की अर्ध-सरकारी एजेंसी Fars News Agency की रिपोर्ट में किया गया है। ईरानी सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, इन ठिकानों पर करीब 500 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे, जिनमें से 400 एक स्थान पर और 100 दूसरे स्थान पर थे।
उनका दावा है कि IRGC ने इन ठिकानों की पहचान कर “सटीक हमले” किए और भारी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिकी सैनिक क्षेत्र में पहले किए गए हमलों के बाद इन स्थानों पर शिफ्ट हुए थे। बयान में अमेरिका और Donald Trump को चेतावनी देते हुए कहा गया कि “यह क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए कब्रगाह बन सकता है।”
जंग का बढ़ता दायरा
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब खाड़ी देशों तक फैलता दिख रहा है। हाल के हफ्तों में UAE और सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दुबई में हमले की पुष्टि होती है, तो यह युद्ध के और व्यापक होने का संकेत होगा और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अमेरिका की तैयारी
इसी बीच, रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। United States Department of Defense 82nd Airborne Division के सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। ईरान के महत्वपूर्ण तेल केंद्र Kharg Island को लेकर भी संभावित सैन्य ऑपरेशन की चर्चा है। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इस इलाके में माइंस और अतिरिक्त सैन्य तैनाती शुरू कर दी है।




