
इंदौर :- इलेक्ट्रिक कार चालक और मालिक हो जाए सावधान? गाडी चार्जिंग पर लगाकर चैन की नींद लेना कभी भी भारी पड़ सकता हैं। इस घटना ने इलेक्ट्रिक कार चालक और मालिकों की बेचैनी बढ़ा दी है, हादसे में 8 लोगों की उस वक्त जान चली गई जब इलेक्ट्रिक कार के शॉकिट को चार्जिंग के लिए बिजली स्विच में लगाया गया था। घटना ने उस वक्त भयंकर रूप ले लिया जब शॉट सर्किट के बाद घर में आग लग गई और देखते ही देखते इस आग ने रसोई गैस सिलेंडर को भी अपनी चपेट में ले लिया।

बताया जाता है कि आग लगते ही घर में रखे सिलिंडरों में विस्फोट शुरू हो गया। इस दौरान एक के बाद एक 4 गैस सिलिंडर धू – धू कर जले और उनमे विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार बताया जाता है कि पीड़ित परिवार के घर का एक हिस्सा ढह गया और इस कमरे में सो रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाया। इस हादसे में 8 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

इंदौर के बंगाली चौराहे के पास स्थित एक कॉलोनी में बुधवार सुबह भीषण हादसा सामने आया था। बताया जाता है कि एक मकान के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग के लिए लगाया गया था। दौरान शॉर्ट सर्किट होने से लगी आग ने विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर देर रात इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई। आग तेजी से फैलते हुए घर तक पहुंच गई और अंदर रखे गैस सिलिंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद घर में रखे सिलिंडरों में धमाके शुरू हो गए। बताया जा रहा है कि एक के बाद एक चार सिलेंडर फटे, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया और अंदर सो रहे लोगों की जान चली गई।

यह भी बताया जाता है कि पुगलिया परिवार के यहां एक पारिवारिक कार्यक्रम था, जिसके चलते कई रिश्तेदार भी घर पर रुके हुए थे। अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, तिलक नगर थाना क्षेत्र में सुबह 4 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तीन मंजिला मकान में मनोज सेठिया का परिवार रहता था, जहां से प्रारंभिक कार्रवाई में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।जांच में यह भी सामने आया है कि घर में इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगे हुए थे। आग के दौरान बिजली सप्लाई बंद हो जाने से ये लॉक नहीं खुल सके, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने में काफी दिक्कत हुई। दरवाजे तोड़कर रेस्क्यू करना पड़ा। प्रारंभिक तौर पर यह भी माना जा रहा है कि आग के कारण घर में रखे गैस सिलिंडरों में विस्फोट हुआ, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया। फ़िलहाल हादसे की जाँच जारी है।




