
नई दिल्ली : राज्यसभा के मनोनीत सदस्य एवं बीजेपी नेता सी सदानंदन मास्टर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण व धन्यवाद प्रस्ताव पर भावुक स्पीच दी। बीजेपी सांसद सदानंदन ने चर्चा शुरू करते हुए अपने कृत्रिम पैरों को मेज के ऊपर रख दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा, वह राष्ट्र और जनता के सामने यह दिखाना चाहते हैं कि लोकतंत्र क्या है ?

राज्यसभा में बोलते हुए सदानंदन ने कहा, ‘जो लोग आज लोकतंत्र का शोर मचा रहे हैं, उन्होंने 31 साल पहले केरल में मुझ पर हमला किया था। मैं घर लौट रहा था, तभी संगठित अपराधियों ने मुझे पीछे से पकड़ लिया, सड़क पर गिरा दिया और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाते हुए मेरे पैर काट दिए थे।’राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे सदानंदन मास्टर ने अपने ऊपर हुए हमले का आरोप सीपीएम कार्यकर्ताओं पर लगाया। इससे विपक्ष, विशेषकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) के सदस्यों की ओर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने तुरंत व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए सदन में कृत्रिम पैरों के प्रदर्शन पर आपत्ति जताई और वस्तुओं के प्रदर्शन के खिलाफ नियमों का हवाला दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सदानंदन ने कहा, ‘आप हमेशा लोकतंत्र, सहिष्णुता और मानवता की बात करते हैं। लेकिन आपकी प्रतिबद्धता राजनीतिक हिंसा पर आधारित है और यह लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है।’राज्यसभा में अपने पहले संबोधन में सांसद ने सदन के लिए उन्हें मनोनीत करने के लिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। सदानंदन मास्टर ने अपने संबोधन का समापन एक तीखे बयान के साथ किया। इसमें उन्होंने कहा, ‘मुझे खेद है कि CPI-M द्वारा की गई यातना के कारण मैं अपना पहला भाषण देते समय खड़ा नहीं हो सका।’

बता दें कि सी. सदानंदन मास्टर केरल के भाजपा नेता और पूर्व शिक्षक हैं। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 12 जुलाई 2025 को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए हैं। उन्होंने 21 जुलाई 2025 को राज्यसभा में शपथ ली और औपचारिक रूप से सांसद के रूप में पद ग्रहण किया। सदानंदन राज्यसभा के मनोनीत सदस्य हैं। साथ ही केरल भाजपा के उपाध्यक्ष भी हैं।




