
हैदराबादः हैदराबाद की बिरयानी की बात ही कुछ और है,इसका जायका देशभर में प्रसिद्ध है| एयरपोर्ट से लेकर कई आउटलेट में हैदराबादी बिरयानी हाथों-हाथ बिक जाती है,सिर्फ़ उस पर हैदराबाद की छाप होना जरुरी है| अब आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे,कि हैदराबाद के कई चर्चित बिरयानी आउटलेट आपसे खान-पान का टैक्स प्रति प्लेट वसूली करते है| लेकिन इनकम टैक्स विभाग में ना तो इस टैक्स की अदायगी करते है और ना ही रोजाना के लाखों के कारोबार का कोई ब्यौरा आयकर एवं अन्य विभागों को नहीं सौंपते | कुल मिलाकर सालाना कारोबार लाखों-करोड़ों में,लेकिन टैक्स की अदायगी “शून्य”| मामले का खुलासा हुआ तो पता पड़ा,कि कई नामी गिरामी छोटे बड़े कारोबारी अब तक 70 हज़ार करोड़ से ज़्यादा की टैक्स चोरी कर चुके है,ऐसे कारोबारी अब इनकम टैक्स विभाग की रडार पर आ गए हैं।

न्यूज़ टुडे इंडिया डॉटकॉम को मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले साल नंवबर में हुई छापेमारी के बाद टैक्स चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है| आयकर डिपार्टमेंट की जांच इस ओर इशारा कर रही है कि टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों से नियमानुसार टैक्स की वसूली की जाए | चंद वर्षों टैक्स चोरी का आंकड़ा 70 हज़ार करोड़ पार कर चूका है | इसमें वो आइटलेट्स भी शुमार बताए जाते है, जो विभिन्न राज्यों में हैदराबादी बिरयानी जैसे पॉपुलर नामो का एलान कर अपना कारोबार कर रहे है | सूत्रों के मुताबिक,आयकर विभाग ने ऐसे कारोबारियों की फर्मों और व्यवसायिक संस्थाओं का ब्यौरा तैयार कर उसमें बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल गड़बड़ियां पकड़ी हैं।

तस्दीक की जा रही है,कि जांच में अब कथित तौर पर 2019-20 फाइनेंशियल ईयर से फूड और बेवरेज सेक्टर में देश भर में लगभग 70,000 करोड़ रुपये के एक संदिग्ध टैक्स चोरी नेटवर्क का पता चला है, इसमें ज्यादातर मामले हैदराबादी बिरयानी जैसे पॉपुलर ब्रांड के बताए जाते है | यह भी बताया जा रहा है,कि सुनियोजित टैक्स चोरी पकडे जाने के बाद आयकर का अमला बिलिंग सॉफ्टवेयर और डिजिटल पेमेंट ट्रेल्स के संभावित हेरफेर की भी जांच कर रहा हैं, जिसमें थर्ड-पार्टी अकाउंट के ज़रिए रूट किए गए UPI ट्रांज़ैक्शन शामिल हैं। डेटा एनालिसिस और वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद टैक्स डिमांड, पेनल्टी और संभावित मुकदमे सहित आगे की कार्रवाई की विभागीय तैयारी भी जोरों पर बताई जाती है। इस खुलासे के बाद कई पॉपुलर बिरयानी आउटलेट इनकम टैक्स के रडार पर बताए जाते है |

जानकारों के मुताबिक, हैदराबाद में 18 और 19 नवंबर 2025 को, इनकम टैक्स अधिकारियों ने पूरे शहर में मिलकर सर्च ऑपरेशन किया था, इसमें हैदराबाद की जानी-मानी फूड चेन पिस्ता हाउस, शाह गौस कैफे और महफिल पर सर्च किया गया। ये चेन हैदराबाद, दूसरे भारतीय शहरों और दुबई समेत विदेशों में भी कई आउटलेट चलाती हैं। यह भी बताया जाता है,कि करीब 50 इनकम टैक्स के दस्तों ने हैदराबाद में करीब 15 खास जगहों पर जांच की थी। टैक्स चोरी संबंधी तलाशी सिर्फ रेस्टोरेंट की जगहों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि होटल ग्रुप से जुड़े चेयरमैन,डायरेक्टर और दूसरे खास मैनेजमेंट स्टाफ के घरों पर भी छापेमारी की गई थी | छापे के दौरान, जांच टीम ने कथित तौर पर करीब 6 करोड़ रुपये कैश ज़ब्त किया था,इसके अलावा डिजिटल रिकॉर्ड, बिलिंग डेटा और फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट कब्ज़े में किए गए थे। इसमें आउटलेट की घोषित रेवेन्यू और असली ट्रांज़ैक्शन के बीच काफी अंतर पाया था |

इसे ट्रैक करने के लिए कथित तौर पर टेराबाइट्स एवं डिजिटल बिलिंग डेटा का वॉल्यूम एनालिसिस किया गया था । सालाना सैकड़ों करोड़ का बिजनेस लेकिन “नो टैक्स”| सूत्रों का कहना है कि छापेमारी और इकट्ठा किए गए सबूतों के बाद अधिकारी दबी हुई बिक्री, फाइनेंशियल गड़बड़ियों और बिना हिसाब-किताब वाली इनकम के आरोपों की जांच कर रहे हैं,शुरुआती जांच से पता चलता है कि तीनों चेन मिलकर सालाना सैकड़ों करोड़ो का कारोबार करती हैं। आयकर सूत्र तस्दीक करते है,कि यह कार्रवाई शुरू में एक रूटीन टैक्स वेरिफिकेशन के रूप में शुरू की गई थी,लेकिन अब मामला बड़ी जांच में बदल गया है।




