
रायपुर : छत्तीसगढ़ में पुलिस की DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच जारी हाई प्रोफाइल विवाद का पटाक्षेप किस रूप में होगा ? इसे लेकर आमजनता के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है। रायपुर पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए है। जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद जारी जाँच को लेकर भी लगभग एक हफ्ते से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है, इसके बावजूद भी जाँच आखिर कब पूरी होगी ? इसे लेकर कयासों का दौर जारी हैं, आखिर किसके खिलाफ दर्ज होगी FIR ?

अभी भी इसे लेकर अनिश्चितता का दौर जारी बताया जाता है। इस बीच DSP कल्पना वर्मा के उस बयान पर लोगों की निगाहें टिकी हुई है, उन्होंने जिसमें कारोबारी दीपक टंडन से उनकी चैट और तस्वीरों को AI तकनीक से निर्मित बताया था। बताया जाता है, कि प्यार के सौंदे, उगाही , मधुर -संबंधो से जुड़े मैसेज और लेन -देन से जुड़ी चैट को DSP कल्पना वर्मा ने झूठा क़रार देते हुए, AI का इस्तेमाल बताया था।

उधर, कारोबारी दीपक टंडन ने AI तकनीक के इस्तेमाल के आरोपों को ख़ारिज करते हुए साफ़ किया था, कि दोनों के बीच AI तकनीक नहीं बल्कि आपसी संबंध काफी गहरे रहे थे। उन्होंने पुलिस को दोनों के बीच हुई चैट और लेन -देन के डिजिटल साक्ष्य पेश कर साफ़ कर दिया है, कि तमाम साक्ष्य पूरी तरह से असली है। इसमें AI तकनीक का कोई इस्तेमाल नहीं किया गया है। उनके मुताबिक पुलिस जाँच में सब कुछ साफ़ हो जायेगा। मोबाइल के अपग्रेड वर्जन और डिजिटल क्रांति में AI तकनीक काफी कारगर साबित हो रही है। साइबर क्राइम में AI तकनीक के आपराधिक इस्तेमाल पर पुलिस कई कार्यशालाओं में हिस्सा ले चुकी है। राज्य में डिजिटल क्राइम की रोकथाम के लिए साइबर थाना भी स्थापित किया गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों द्वारा शिकायत और दस्तावेज़ी प्रमाणों और डिजिटल साक्ष्य को लेकर अभी तक कोई AI तकनीक के इस्तेमाल जैसी कोई तथ्य सामने नहीं आए है। हालांकि, पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यो के आधार पर जाँच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेंगी।

एक जानकारी के मुताबिक, कारोबारी दीपक टंडन ने पुलिस को यह भी बताया है, कि DSP कल्पना वर्मा ने उनकी पत्नी की कार के फ़र्जी दस्तावेज तैयार कर उस पर अपना दावा पेश किया है। जबकि उनके द्वारा ना तो कार बेचीं गई और ना ही DSP कल्पना को गिफ्ट की गई थी।

उनके मुताबिक साल भर से अधिक समय से यह कार DSP कल्पना वर्मा के कब्ज़े में है। जबकि इस कार की ख़रीदी की बैंक की किश्त अभी भी उनकी पत्नी भर रही है। उनके मुताबिक, DSP से विवाद की कोई स्थिति नहीं थी,लेकिन उनकी धोखेबाज़ी और षड्यंत्र से उनकी आँखे खुल गई। उन्होंने पुलिस में हक़ीक़त बयां की है, सभी तथ्यों से जाँच अधिकारी को अवगत कराया गया है।
देखें वीडियो :– DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन विवाद में कब आएगी जाँच रिपोर्ट ? आखिर किसके खिलाफ़ दर्ज…






