बनासकांठा: गुजरात के बनासकांठा में अवैध पटाखा फैक्ट्री के गोदाम में ब्लास्ट के बाद 21 लोगों की जान चली गई. इनमें मध्य प्रदेश के वे कई लोग थे, जो बेहतर भविष्य और परिवार चलाने के लिए काम खोजते हुए उस फैक्ट्री तक पहुंचे थे. दरअसल, बनासकांठा जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर डीसा कस्बे के पास इंडस्ट्रियल एरिेया में भयानक विस्फोट और आग के बाद एक गोदाम ढह गया, जिसमें बच्चों और महिलाओं सहित कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई. ब्लास्ट इतना भीषण था कि कुछ मजदूरों की देह के परखच्चे उड़ गए और कई सौ मीटर दूर तक जाकर गिरे. यह जानकारी कलेक्टर मिहिर पटेल ने दी.
इस हादसे में पांच बच्चों और पांच महिलाओं की मौत से पता लगता है कि गोदाम के परिसर में मजदूर के परिवार भी रहते थे. मरने वाले सभी लोग मध्य प्रदेश के हरदा और देवास के रहने वाले थे. ब्लास्ट में आरसीसी स्लैब गिर गई, जिससे वहां मौजूद सभी लोग दब गए. यहां तक कि उसी परिसर में रह रहे के परिवार के सदस्य भी स्लैब के ब्लॉक के नीचे दबकर मर गए.
मरने वाले बच्चों में 3 से 12 साल की उम्र के मासूम शामिल थे. वहीं, बड़ों में 19 से 50 वर्षीय लोग शामिल थे. तीन साल की एक बच्ची सहित छह लोग घायल हुए हैं. एसपी अक्षयराज मकवाना ने बताया कि ब्लास्ट के बाद स्लैब गिरने से ये मौतें हुई हैं. हादसे की वजह जानने के लिए पुलिस जांच में जुटी है. प्रथम दृष्टया यह पता चलता है कि गोदाम में अवैध तरीके से पटाखे स्टोर किए जा रहे थे.
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पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं. डिप्टी एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन भी किया गया है. पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गोदाम ने पहले पटाखे स्टोर करने का लाइसेंस लिया था, लेकिन 31 दिसंबर 2024 के बाद उसे रिन्यू नहीं कराया. उसके बाद जब रिन्यअल के लिए अप्लाई किया तो प्रशासन ने पाया कि गोदाम में उचित सुविधाएं नहीं हैं, जिसके चलते लाइसेंस को होल्ड कर दिया गया.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बनासकांठा फैक्ट्री ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है. एक्स पर पोस्ट कर मोहन यादव ने लिखा, “गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी. हमारे कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस/प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय हेतु दुर्घटना स्थल पर भेजा गया है. संकट की इस घड़ी में हमारी सरकार पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है.”