औरैया: 19 मार्च को खून से लथपथ मिले हाइड्रा चालक को मरवाने की साजिश उसकी पत्नी ने ही रची थी। शादी के 15वें दिन ही प्रेमी से मिलकर भाड़े के शूटरों को सुपारी दे दी। इसके लिए मुंह दिखाई में मिले रुपयों का उपयोग किया गया। सुपारी के बचे रुपयों का लेनदेन करने के दौरान पुलिस ने पत्नी, उसके प्रेमी व एक शूटर को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचे, बाइक सहित अन्य सामान बरामद किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
मैनपुरी के भोगांव थाना के नगला दीपा निवासी हाइड्रा चालक 24 वर्षीय दिलीप कुमार की हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी। इसी दौरान सुपारी के रुपयों के लेनदेन की सूचना मिलने पर शनिवार दोपहर पुलिस ने हरपुरा के पास छापा मारा। जहां से सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा व स्वाट प्रभारी राजीव कुमार ने दिलीप की पत्नी प्रगति को गिरफ्तार किया।
महिला के अलावा मौके से उसके गांव हजियापुर फफूंद निवासी प्रेमी अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव, अछल्दा के प्रेम नगर निवासी शूटर रामजी नागर को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में प्रगति ने बताया कि प्रेम प्रसंग की जानकारी होने पर परिजन ने उसकी शादी बड़ी बहन के देवर दिलीप से करा दी थी।
इस शादी से वह नाखुश थी। इसलिए उसने प्रेमी के साथ पति को रास्ते से हटाने की ठान ली थी। उसने दो लाख रुपये में भाड़े के शूटर बुक किए थे। बताया कि शादी में मुंह दिखाई व अन्य रस्मों के दौरान उसे मिले एक लाख रुपये उसने शूटरों को एडवांस में दे दिए।
19 मार्च को पति जब कन्नौज के उमर्दा के पास शाह नगर से हाइड्रा लेकर लौट रहे थे, तभी पलिया गांव के समीप शूटरों ने उस पर हमला किया। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। बाद में उसे गेहूं के खेत में फेंक दिया। 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई। आरोपियों ने साजिश की बात पूछताछ में कबूल कर ली है।