
रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद वरिष्ठ बीजेपी नेता गणेश शंकर मिश्रा ने पदभार ग्रहण कर लिया है| एक समारोह में मिश्रा ने पदभार संभाला| इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई नेता मौजूद रहे| उन्होंने श्री मिश्रा को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य नीति आयोग प्रदेश के विकास से जुड़े दीर्घकालिक विजन को साकार करने में श्री मिश्रा के नेतृत्व में अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आयोग साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा। इससे शासन की योजनाओं और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी और प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य नीति आयोग छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा, जो भविष्य की विकास रणनीतियों को मजबूत बनाने और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक साबित होगा। इस मौके पर मंत्री केदार कश्यप,मंत्री विजय शर्मा,पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल और लता उसेंडी समेत कई नेता और मंत्री उपस्थित थे|
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जानकारी के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद जीएस मिश्रा ने बीजेपी का दामन थाम लिया था| संगठन के कामकाज़ के अलावा कई नीतिगत फैसलों में श्री मिश्रा के अनुभव “मिल का पत्थर” साबित हुए है| उन्हें प्रशासनिक कामकाज में कसावट के लिए जाना-पहचाना जाता है | पूर्व IAS गणेश शंकर मिश्रा राजनांदगांव और बस्तर समेत अन्य जिलों में कलेक्टर रह चुके है| इन दोनों ही जिलों में सुनियोजित कार्य योजना के तहत मिश्रा ने बुनियादी सुधार किए थे| ताकि,इलाके के लोगों को सरकार प्रदत्त सुविधाएं आसानी से मुहैया हो सके| उन्होंने बस्तर कलेक्टर कार्यालय में महात्मा गांधी द्वारा गाए जाने वाले भजनों की एक अनूठी परंपरा की नींव रखी थी| प्रार्थना सभा के उपरांत ही रोजाना दफ़्तर में कामकाज़ की शुरुआत होती थी|बस्तर की चौड़ी सड़के,गली,चौराहे और अन्य बुनियादी सुविधाएं के विस्तार की नींव रखने में श्री मिश्रा ने काफी दिलचस्पी दिखाई थी|उनकी आधारभूत कार्ययोजना पर ही वर्तमान बस्तर नया आकार ले रहा है,बतौर बस्तर कलेक्टर जीएस मिश्रा ने प्रदेश की सबसे बड़ी भूअर्जन योजना को बखूबी अंजाम दिया था|

इसके तहत टाटा स्टील प्लांट के लिए ज़मीन आबंटन हेतु घोर नक्सल प्रभावित इलाको में दस्तक देकर प्रशासनिक गतिविधियों को धरातल पर उतारा गया था| आदिवासियों को शत-प्रतिशत मुआवजा देने और नशे से दूर रहने के प्रयासों के चलते जीएस मिश्रा ने पृथक से लोकप्रियता अर्जित की थी|राजनांदगांव के तत्कालीन कलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल कई उपलब्धियों से भरा रहा|

इस दौर में अतिक्रमण हटाने को लेकर उनकी बुलडोजर कार्यवाही आज भी लोगों को भुलाए नहीं भूलती| नीति आयोग के उपाध्यक्ष का पद मुख्य सचिव के समकक्ष माना जाता है। नीति आयोग का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि मुख्यमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं। राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति और नीति निर्धारण में आयोग की अहम भूमिका रहती है। बताया जाता है,कि विकास कार्यों को नई दिशा देने में जीएस मिश्रा को इस महत्त्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है |






