White House Shooting की यह बड़ी घटना बुधवार को वाशिंगटन डीसी में सामने आई, जब व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर गोलीबारी में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। एफबीआई निदेशक काश पटेल और मेयर म्यूरियल बोसर ने पुष्टि की कि दोनों सैनिक अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने इसे “जघन्य, घृणित और आतंकवादी कृत्य” बताते हुए तुरंत पेंटागन को 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन अब अफगानिस्तान से आए हर विदेशी की पुनः जांच करेगा ताकि किसी तरह की सुरक्षा चूक न हो।
फायरिंग के बाद White House Shooting से जुड़ा दूसरा बड़ा निर्णय यह हुआ कि अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाओं ने अफगान नागरिकों के सभी इमीग्रेशन अनुरोध अनिश्चितकाल के लिए रोक दिए। एजेंसी का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है, और सभी प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी।
इस हमले के संदिग्ध की पहचान 29 वर्षीय अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, वह सितंबर 2021 में “ऑपरेशन एलाइज वेलकम” के तहत अमेरिका आया था, जिसे बाइडेन प्रशासन ने अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी के बाद शुरू किया था। इस कार्यक्रम के तहत करीब 76,000 अफगानों को अमेरिका लाया गया था।
हमले के बाद प्रशासन ने सुरक्षा और कड़ी कर दी है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि 500 से अधिक नेशनल गार्ड सदस्यों को वाशिंगटन में तैनात किया गया है। गोलीबारी व्हाइट हाउस से दो ब्लॉक उत्तर-पश्चिम में एक मेट्रो स्टेशन के पास हुई, जहां सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया।
