
रायपुर/महासमुंद : भारत माला परियोजना में भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छत्तीसगढ़ में छापेमारी की कार्यवाही जोरों पर है | इसे मुआवजा घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही के रूप में देखा जा रहा है। सोमवार सुबह ईडी की टीमों ने राजधानी रायपुर और महासमुंद जिले में एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी से हड़कंप है।

ईडी की दबिश रायपुर के लॉ-विष्टा सोसाइटी में स्थित कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा का आवास में नज़र आई। कारोबारी के आवास में घंटों तक डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग लेन-देन सम्बन्धी दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। हरमीत सिंह खनूजा के अलावा उनके सहयोगियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और भूस्वामियों से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की जानकारी मिली है। यह भी बताया जा रहा है, कि छापेमारी के दौरान नगदी के अलावा डिजिटल डेटा और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।

हालाँकि, छापेमारी को लेकर अभी ईडी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं प्राप्त हुई है। इस बीच महासमुंद में भी लगभग आधा दर्जन ठिकानो पर ईडी की टीम जाँच पड़ताल करते नजर आई। महासमुंद के मेघ बसंत इलाके में ईडी की टीम तड़के से ही व्यवसायी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर डट गई।

रायपुर–विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा वितरण में भारी अनियमितताओं बरते जाने में कई सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से केंद्र और राज्य सरकार को करोड़ों का चूना लगाया गया था। बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की पड़ताल में कई बेनामी खातों-ट्रांजेक्शन का शक भी जाहिर किया जा रहा है। फ़िलहाल, इस दबिश में बड़े खुलासे के आसार ज़ाहिर किए जा रहे है।







