
दिल्ली/रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भू-पे बघेल ने अपने पुत्र की विधिवत लॉन्चिंग कर दी है,अब उनके आरोपी पुत्र चैतन्य बघेल कांग्रेस के “नए राजकुमार” बनने की दहलीज़ पर है,उनकी विधिवत लॉन्चिंग हो गई है| दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान ने चैतन्य बघेल को अपना आशीर्वाद भी दे दिया है|हालाँकि,चैतन्य बघेल कांग्रेस के पदाधिकारी कब घोषित किए जाएंगे और दुर्ग-भिलाई की किस विधान सभा सीट से अपना भाग्य आजमाएंगे,यह गोपनीय बना हुआ है|

दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने आरोपी पुत्र चैतन्य बघेल को जेल से रिहा होते ही सीधे कांग्रेस आलाकमान के दरबार में हाज़िर किया था| राज्य के 3500 करोड़ के शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की हालिया रिहाई हुई थी| दिल्ली दरबार में प्रियंका गाँधी,मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं से रूबरू हुए चैतन्य बघेल काफी खुश नज़र आये| वही दूसरी ओर आलाकमान से मेल-मुलाकात को लेकर कांग्रेस के कई समर्पित कार्यकर्त्ता और नेता महीनों से अपनी चप्पलें घिस रहे है,लेकिन उनकी दरबार में अब तक “एंट्री” तक नहीं हो पाई है| ऐसे में भ्रष्टाचार और घोटालों में लिप्त आरोपियों के लिए “खुले दरबार” की चर्चा राजनैतिक गलियारों में जोरों पर है|

यह भी बताया जाता है,कि पार्टी आलाकमान को गच्चा देने के लिए एक अन्य जमानत प्राप्त आरोपी और विधायक कवासी लखमा को भी पूर्व मुख्यमंत्री बघेल आलाकमान की चौखट पर पहुंचे थे| विधायक कवासी लखमा कांग्रेस की तत्कालीन सरकार में आबकारी मंत्री रह चुके है| शराब घोटाले के उजागर होने के बाद लखमा ने खुद को अनपढ़ बताते हुए साफ़ किया था,कि अधिकारी जो कहते थे,उनके अनुसार वे दस्तावेजों में अपने हस्ताक्षर करते थे| जबकि,उन्हें पढ़ना-लिखना नहीं आता था|आरोपी पूर्व मंत्री का यह तर्क एजेंसियों के गले नहीं उतरा था|

ईडी की चार्जशीट में बताया गया था,कि तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब सिंडिकेट प्रतिमाह 2 करोड़ रूपये का नगद भुगतान करता था|जबकि,पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र चैतन्य बघेल शराब घोटाले के मुख्य सूत्रधारों में से एक थे | उन्हें भी हर माह सैकड़ो करोड़ की आमदनी बैठे-बिठाए होती थी| प्रियंका गाँधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के दरबार में आरोपी पूर्व मंत्री कवासी लखमा की मौजूदगी भी गौरतलब बताई जाती है|

बताया जाता है,कि चैतन्य बघेल का कांग्रेस में कोई वजूद नहीं है,वे सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपी पुत्र मात्र है,ऐसे में आलाकमान के दरबार में आदिवासी कार्ड खेलते हुए लखमा की एंट्री कराइ गई| जबकि,चैतन्य बघेल की लॉन्चिंग पर पूरा जोर दिया गया| सूत्र तस्दीक करते है,कि लखमा की आड़ लेकर बघेल ने अपने आरोपी पुत्र को कांग्रेस की बागडोर सौंपने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया है| चर्चा यह भी है,कि चैतन्य बघेल भिलाई अथवा दुर्ग से विधान सभा चुनाव में भाग्य आजमा सकते है,पार्टी आलाकमान ने उन्हें तैयारी करने का आशीर्वाद प्रदान किया है| फ़िलहाल,चैतन्य बघेल की लॉन्चिंग को पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के परिवारवाद के नमूने के रूप में देखा जा रहा है|
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