बिलासपुर: बिलासपुर में तेज आवाज में बज रहे DJ से हुए हादसे में बच्चे की मौत पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस ने इस केस को जनहित याचिका मानकर सुनवाई के लिए रखा है। बुधवार को मामले की सुनवाई होगी, जिसमें राज्य शासन सहित पक्षकारों को जवाब देना होगा। बता दें कि हाईकोर्ट ने पहले भी ध्वनि प्रदूषण और कानफोड़ू DJ पर प्रतिबंध लगाने के सख्त आदेश दिया था।
बीते रविवार को मल्हार के केंवटपारा में DJ की तेज आवाज से छज्जा गिरने से 4 बच्चे समेत 10 लोग घायल हो गए। इनमें एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मीडिया में आई इस खबरों पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने खुद संज्ञान लिया है। साथ ही इसे जनहित याचिका मानकर सुनवाई करने के लिए लिस्टिंग किया है।
इस केस में राज्य शासन के मुख्य सचिव सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई के दौरान सभी पक्षकारों के वकीलों को उपस्थित होकर जवाब देना होगा। मालूम हो कि बच्चे की मौत के बाद इस मामले में पुलिस ने डीजे संचालक, ड्राइवर और आयोजनकर्ताओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं, DJ संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि, आयोजनकर्ता में 4 नामजद है, जो घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
हाईकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने तेज आवाज में DJ बजाने पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन, इसका पालन नहीं हो रहा है। अभी भी हर जगह तेज आवाज में DJ बजाए जा रहे हैं। शादी समारोह और अन्य आयोजनों में देर रात तक तेज आवाज में DJ बज रहे हैं। मल्हार में हुई घटना इसका प्रमाण है।
हालांकि, निगरानी करने के लिए 6 माह पहले टीम बनाई गई थी। इस टीम को DJ संचालकों पर नजर रखने कहा गया था। कहीं भी क्षमता से अधिक आवाज में DJ बजने पर जब्ती की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन पुलिस की ओर से केवल दिखावे की कार्रवाई ही नजर आई। हाईकोर्ट तक मामला पहुंचने के बाद एक बार फिर पुलिस ने DJ जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को सिविल लाइन क्षेत्र में DJ जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की गई।