नई दिल्ली: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर बना दबाव क्षेत्र तेजी से मजबूत होकर चक्रवात सेन्यार में बदल सकता है। यह सिस्टम फिलहाल गहरे दबाव में तब्दील हो चुका है और 26 नवंबर की सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। मंगलवार रात यह निकोबार द्वीप समूह से लगभग 770 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में सक्रिय था, जिसके कारण तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है।
IMD के अनुसार यह गहरा दबाव पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और बुधवार दोपहर तक चक्रवात सेन्यार के रूप में विकसित हो सकता है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के कई तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएँ और भारी वर्षा देखने को मिल सकती है।
इस बीच बंगाल की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के पास एक और निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। विभाग का कहना है कि यह सिस्टम अगले 12 घंटों में एक चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र और अगले 24 घंटों में अवसाद (Depression) में बदल सकता है। दोनों मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में दक्षिण भारत का मौसम काफी प्रभावित रहेगा।
IMD ने 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तमिलनाडु में 25 से 30 नवंबर, केरल में 25 और 26 नवंबर तथा आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक भारी वर्षा की संभावना है। अंडमान-निकोबार में 26 से 29 नवंबर तक अत्यधिक बारिश हो सकती है।
इसके अलावा तटीय इलाकों में 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाएँ चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। IMD ने मछुआरों और तटीय निवासियों को सतर्क रहने और समुद्र में न जाने की सलाह दी है। चक्रवात सेन्यार पर आगे की अपडेट लगातार जारी की जाएंगी।
