
नई दिल्ली : महाराष्ट्र के बारामती क्षेत्र में बुधवार को हुए विमान हादसे में एनसीपी नेता अजित पवार के साथ जान गंवाने वालों में को-पायलट शांभवी पाठक ऐसी युवा थी,जिसके घर चंद दिनों बाद शहनाई गूंजने वाली थी। उनकी शादी तय हो चुकी थी, लेकिन वक्त को कुछ और ही मंजूर था। उनके घर अब मातम पसरा है। उनकी शादी की खुशियां शोक में सराबोर है। इस विमान हादसे ने पाठक परिवार की जिंदगी के साथ कई सपनों को भी राख के ढेर में तब्दील कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में विमान की सह-पायलट शांभवी पाठक की भी जान चली गई। साउथवेस्ट दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव स्थित उनके घर में मातम पसरा हुआ है। जहां कुछ दिन पहले बेटी की शादी की तैयारियों की बातें हो रही थीं, वहीं अब उसी बेटी को अंतिम विदाई दी गई।

हर समय मुस्कुराती रहने वाली 25 वर्षीय शांभवी को याद कर परिवार के आंसू थम नहीं रहे। कोई शुभचिंतक आता है, ढांढस बंधाने की कोशिश करता है, लेकिन मां के लिए इस सदमे को सह पाना बेहद मुश्किल है। वह बेटी को खुशी-खुशी ससुराल भेजने के सपने देख रही थीं, मगर किस्मत ने उनसे यह हक भी छीन लिया। शांभवी वीएसआर वेंचर्स के लियरजेट-45 विमान में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर तैनात थीं। हादसे के वक्त वह पायलट सुमित कपूर के साथ विमान में मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि बारामती एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग से कुछ समय पहले ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

शांभवी की मां एयरफोर्स बाल भारती स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि पिता एक सेवानिवृत्त आर्मी पायलट हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पिता पुणे के लिए रवाना हो गए, ताकि बेटी का पार्थिव शरीर दिल्ली लाया जा सके। उनका छोटा भाई भारतीय नौसेना में कार्यरत है।पड़ोसी और परिचित भी इस खबर से स्तब्ध हैं।
पड़ोस में रहने वाली शिल्पी ने बताया कि शांभवी बेहद सुलझी हुई और प्यार से बात करने वाली लड़की थी। कुछ समय पहले वह उनके ब्यूटी पार्लर आई थीं और तब शादी की चर्चा भी चल रही थी। साल 2022 से वीएसआर वेंचर्स से जुड़ी शांभवी ने न्यूजीलैंड से फ्लाइट ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स में ग्रेजुएशन किया और कमर्शियल पायलट लाइसेंस के साथ फ्रोजन एटीपीएल समेत कई अहम एविएशन सर्टिफिकेशन हासिल किए थे। एक होनहार पायलट का यूं अचानक चला जाना न सिर्फ परिवार, बल्कि एविएशन जगत के लिए भी बड़ी क्षति है।





