
उत्तराखांडृ पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। यात्रा की शुरुआत के साथ ही अलग-अलग तिथियों पर धामों के कपाट भी खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे।

वहीं रजिस्ट्रेशन पर प्रशासन का कहना है कि इससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और सुरक्षा व सुविधाओं को भी सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा। पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को आधार कार्ड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। वहीं विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी के जरिए पंजीकरण करने की व्यवस्था की गई है।
17 अप्रैल से शुरू होंगे ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
इसके अलावा, जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पाएंगे, उनके लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले यानी 17 अप्रैल से शुरू होगी। इसके लिए ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान और विकासनगर में विशेष पंजीकरण काउंटर स्थापित किए जाएंगे।
ऑफिशियल वेबसाइट और एप से कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके तहत श्रद्धालु छह मार्च से पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in और मोबाइल एप Tourist Care Uttarakhand के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं के जारी किए गए टोल फ्री नंबर
इसके अलावा श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पर्यटन विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 भी जारी किया है, जो चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा। इस नंबर पर कॉल करके यात्री यात्रा से जुड़ी जानकारी, पंजीकरण प्रक्रिया और अन्य आवश्यक मदद प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। यात्रा मार्गों, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।




