सूर्य ग्रहण के साए में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत, कैसे होगी घटस्‍थापना-पूजा, कब तक रहेगा सूतक काल?

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Chaitra Navratri 2025: साल का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को लग चुका है और अब 15 दिन में दूसरा ग्रहण लगने जा रहा है. साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लग रहा है. इसी दिन शनि गोचर करके मीन राशि में प्रवेश करेंगे. इसके अगले दिन 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो रही हैं और हिंदू नववर्ष भी इसी दिन से शुरू होगा. 30 मार्च को ही गुड़ी पड़वा पर्व मनाया जाएगा. लेकिन सूर्य ग्रहण के साए में नवरात्रि, नववर्ष जैसे महापर्व की शुरुआत होने से भक्‍तों में असमंजस है कि ऐसे में कलश स्‍थापना कैसे होगी.

भारत में सूर्य ग्रहण की तारीख और समय
साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगने जा रहा है. भारत में सूर्य ग्रहण का समय दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से शाम 6 बजकर 16 मिनट तक रहेगा. साल के पहले सूर्य ग्रहण की अवधि 3 घंटे 53 मिनट की होगी. सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है, यानी कि 29 मार्च के तड़के करीब ढाई बजे से ग्रहण का सूतक शुरू होता लेकिन यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने से इसका सूतक काल मान्‍य नहीं होगा. सूतक काल में कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. जाहिर नवरात्रि की घटस्‍थापना भी नहीं हो पाती.

चैत्र नवरात्रि 2025 कलश स्‍थापना समय
चूंकि यह ग्रहण चैत्र नवरात्रि शुरू होने से पहले ही खत्‍म हो जाएगा. साथ ही भारत में ग्रहण ना दिखने के कारण इसका सूतक काल भी नहीं माना जाएगा. ऐसे में नवरात्रि की घटस्‍थापना या कलश स्‍थापना में कोई अड़चन नहीं आएगी. भक्‍तगण 30 मार्च को सुबह 06 बजकर 13 मिनट से लेकर 10 बजकर 22 मिनट तक घटस्‍थापना कर सकेंगे. इसके बाद कलश स्‍थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त में नवरात्रि कलश स्‍थापना करना बेहद शुभ माना जाता है.

(Disclaimer – प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. News Today इसकी पुष्टि नहीं करता है.)